Greater Noida News: शनिवार सुबह ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत नंगला श्रीपदम (नगला श्री पदम) गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव घर के अंदर बिस्तर पर मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों में पति-पत्नी और उनके तीन नाबालिग बच्चे शामिल हैं। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है, जबकि परिजन जमीन-मकान विवाद में सास और ननद पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। मृतकों की पहचान महेश (37 वर्ष, पुत्र कृष्ण), उनकी पत्नी ललिता (35 वर्ष), बेटे लड्डू (11 वर्ष), बेटी मिष्टी (7 वर्ष) और छोटे बेटे साक्षात (3 वर्ष) के रूप में हुई है। घटना स्थल जेवर एयरपोर्ट से करीब 6 किलोमीटर और जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर है। पड़ोसियों के अनुसार परिवार रोज सुबह जल्दी उठता था। शनिवार को काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो शक हुआ। आवाज लगाने पर महेश की मां ने दरवाजा खोला। अंदर देखा तो पूरा परिवार बिस्तर पर मृत पड़ा था। एक बिस्तर पर पिता बेटे से लिपटे मिले, दूसरे पर मां छोटे बेटे और बेटी के साथ। एक के मुंह से झाग निकल रहा था। दरवाजा अंदर से बंद था।
रात का खाना और आखिरी घटनाक्रम
परिवार शुक्रवार रात करीब 10 बजे मेला देखकर घर लौटा था। घर आकर नूडल्स (मैगी) और चाय बनाई। खाना खाकर सभी सो गए। महेश की मां ने पुलिस को बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए उन्होंने कुछ नहीं खाया और बिना खाए सो गईं। उन्होंने कहा, “काश मैंने भी खाना खा लिया होता तो यह दुख नहीं देखना पड़ता।” फोरेंसिक टीम ने किचन में रखे बर्तन में नूडल्स के अवशेष पाए। इन्हें और अन्य नमूनों को जांच के लिए लैब भेज दिया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची।
पुलिस का बयान
डीसीपी ग्रेटर नोएडा श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी, एंबुलेंस, फील्ड यूनिट, फोरेंसिक टीम और फूड सेफ्टी विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शवों का पंचनामा पूरा कर पोस्टमॉर्टम के लिए सेक्टर-94 भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया फूड पॉइजनिंग का मामला लगता है। आसपास के लोगों और मृतक महेश की मां ने बताया कि परिवार ने रात में नूडल्स खाए थे। वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। सभी पहलुओं से जांच चल रही है।
परिजनों का आरोप: जमीन-मकान विवाद
ललिता के मायके पक्ष के परिजनों ने आरोप लगाया है कि महेश की मां ने करीब छह महीने पहले करीब 10 बीघा जमीन अपनी बेटी और दामाद के नाम कर दी थी। हाल ही में जिस मकान में परिवार रह रहा था, उसे भी बेटी के नाम कर दिया गया। इससे महेश और ललिता बहुत आहत थे। परिजनों का कहना है कि सास ने अपनी बेटी के साथ मिलकर यह हत्याकांड किया। महेश के बड़े भाई ने करीब चार साल पहले दिल्ली में ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की थी। मां एक साल से परिवार के साथ रह रही थीं। महेश मजदूरी करते थे। परिवार पहले दिल्ली के नरौला में रहता था। 2017 में शादी के बाद 2018 से रबूपुरा (ननिहाल) में बस गए थे। मुआवजे की रकम से मकान बनाया गया था। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी कोई आरोप साबित नहीं हुआ है। पोस्टमॉर्टम, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में सुसाइड या हत्या का एंगल भी जांच में शामिल है।
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