83rd Board Meeting of Yamuna Expressway Industrial Development Authority (YEIDA): यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी यीडा में भूखंड लेने वाले 25 हजार आवंटियों के लिए खुशखबरी है। अब मकान बनाने के लिए और एक वर्ष का मौका मिलेगा। इसका मतलब ये हुआ कि प्राधिकरण की और से कंप्लीशन लेने के लिए समय मिल गया है। मगर जिन प्लॉट्स की रजिस्ट्री हो चुकी है उन्हें 45 दिनों में नक्शा पास कराकर 90 दिनों में निर्माण कार्य करना होगा। इसके लिए दिसंबर 2025 तक समय सीमा दी गई है। हालांकि भूखंड की चेक लिस्ट जारी होने के बाद लीजडीड के लिए मई 2025 तक का समय दिया गया है। ये फैसला बोर्ड बैठक में लिया गया। बैठक में कुल 51 प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पास किया गया है।
83वीं बोर्ड बैठक में लिये अहम निर्णय
बता दें कि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 83वीं बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिए गए। प्राधिकरण सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक में यमुना सिटी में भौतिक कब्जा लेने वाले 25 हजार आवंटियों को राहत देने पर सहमति बनी। यीडा सिटी के सेक्टर-18, 20, 22डी व 24 समेत अन्य सेक्टरों में 34,000 आवंटी हैं। इनमें ज्यादातर ने भूखंड पर कार्य शुरू नहीं किया है। इसके अलावा सेक्टर-24, 28, 29, 30, 32, 33 में 3041 औद्योगिक भूखंड के आवंटी है। इनमें 1700 आवंटियों ने चेक लिस्ट जारी होने के बाद लीजडीड नहीं कराई है। इन आवंटियों को 31 मई तक का समय दिया गया है।
क्या कहते है नियम
यदि प्राधिकरण के नियमों की बात करे तो भौतिक कब्जा देते समय इन्हें घर का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए तीन वर्ष का समय दिया गया था। समयसीमा पूरी कर चुके सभी आवंटियों को प्राधिकरण ने एक वर्ष का अतिरिक्त समय दिया है। यह निर्णय बोर्ड बैठक से ही लागू हो गया है।
अतिरिक्त मुआवजे की राशि का भुगतान न करने वालों को भी राहत
मालूम हो कि प्राधिकरण ने 64.7% अतिरिक्त मुआवजे की राशि का भुगतान नहीं करने वाले 8673 बकायेदार आटियों को भी राहत दी है। प्राधिकरण आवंटियों को बीते दिन यानी सोमवार से 60 दिन के अंदर 25 प्रतिशत राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शेष 75 प्रतिशत का भुगतान दो वर्षों में तीन किस्तों में हर छमाही जमा करने की राहत दी है। ब्याज की छूट ग्रुप हाउसिंग के बकायेदारों को छोड़कर अन्य सभी श्रेणी के आवंटियों पर लागू होगी। दरअसल, इन आवंटियों ने किसानों के 64.7% मुआवजे का भुगतान नहीं किया है, जिससे इनके मूल ब्याज पर ब्याज बढ़ता जा रहा है। आवंटियों पर करीब सात हजार करोड़ रुपये बकाया है। प्राधिकरण ने बुलंदशहर के 55 गांवों को शामिल किया था। इसके अलावा यमुना सिटी में जमीन अधिग्रहण होने पर भी किसानों को बढ़ा हुआ मुआवजा मिलेगा।
ये अफसर रहे मौजूद
यीडा की बोर्ड बैठक प्रमुख सचिव आलोक कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह, एसीईओ नागेंद्र प्रताप, कपिल सिंह, ओएसडी शैलेंद्र भाटिया, शैलेंद्र सिंह, महराम भाटी आदि मौजूद रहे।
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