

सोनिया गांधी का सरकार पर तीखा हमला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मोदी सरकार की खामोशी को ‘abdication of responsibility’ करार दिया। उन्होंने कहा, “यह निष्पक्षता नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के टूटने पर चुप्पी साधी जा रही है। भारत की विदेश नीति की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।” सोनिया ने मांग की कि बजट सत्र के दूसरे चरण में संसद में इस मुद्दे पर खुली बहस हो। सरकार ने अब तक केवल ‘संयम और डी-एस्केलेशन’ की अपील की है, लेकिन खामेनेई हत्या की निंदा नहीं की।
अमेरिका में ट्रंप के हमलों पर जनता का रुख वॉशिंगटन पोस्ट के इंटरैक्टिव पोल के मुताबिक अमेरिकियों में ट्रंप प्रशासन के ईरान हमलों का विरोध ज्यादा है—52% लोगों ने इसे गलत बताया, जबकि केवल 39% ने समर्थन किया। ज्यादातर जवाबदेहों का कहना था कि प्रशासन ने हमलों के उद्देश्य साफ नहीं बताए। अन्य सर्वे भी इसी रुझान को दिखा रहे हैं।
ताजा अपडेट ईरान की अस्थायी तीन सदस्यीय परिषद अब देश चला रही है और उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। तेहरान में कुछ जगहों पर जश्न भी मनाया जा रहा है, लेकिन आम लोगों में डर का माहौल है। ईरान के जवाबी हमलों से क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ गई है। भारत सरकार ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना न सिर्फ मध्य पूर्व को बदल सकती है, बल्कि वैश्विक कूटनीति और भारत की विदेश नीति पर भी गहरा असर डालेगी। आगे की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।

