नोएडा/लखनऊ: नोएडा में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उपभोक्ताओं की बढ़ती परेशानियों को देखते हुए फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (फोनरवा) ने अब सीधे शासन स्तर पर दस्तक दी है। फोनरवा के अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ स्थित आवास पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा से मुलाकात की और स्मार्ट मीटर से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं का कच्चा चिट्ठा पेश किया।
प्रमुख मुद्दे: रीडिंग और रिचार्ज ने बढ़ाई उपभोक्ताओं की टेंशन
मुलाकात के दौरान योगेंद्र शर्मा ने ऊर्जा मंत्री को बताया कि नोएडा के हजारों निवासी स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट हैं। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य रूप से तीन बड़ी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया:
* संदेहास्पद मीटर रीडिंग: उपभोक्ताओं का आरोप है कि पुराने मीटरों की तुलना में स्मार्ट मीटर की रीडिंग काफी तेज है, जिससे बिल में अचानक बढ़ोतरी हुई है।
* बैलेंस कटौती की विसंगति: बिना किसी पूर्व सूचना या स्पष्टीकरण के उपभोक्ताओं के बैलेंस से पैसे कट रहे हैं, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
* रिचार्ज में तकनीकी खामियां: रिचार्ज करने के बाद भी कई बार मीटर अपडेट नहीं होता, जिससे अचानक बिजली कटने की स्थिति पैदा हो जाती है।
“अधिकारी नहीं सुलझा पाए मामला, इसलिए मंत्री के पास आए”
फोनरवा ने स्पष्ट किया कि इससे पहले विद्युत विभाग के स्थानीय अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें हुई थीं। उस समय यह तय किया गया था कि यदि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो मामले को उच्च स्तर पर ले जाया जाएगा।
> “स्मार्ट मीटर योजना तकनीकी रूप से अच्छी हो सकती है, लेकिन जमीन पर उपभोक्ताओं को इससे राहत के बजाय सिरदर्द मिल रहा है। जब तक सिस्टम पारदर्शी नहीं होगा, जनता का असंतोष कम नहीं होगा।” — योगेंद्र शर्मा, अध्यक्ष, फोनरवा
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ऊर्जा मंत्री का आश्वासन: सुदृढ़ होगा इंफ्रास्ट्रक्चर
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने फोनरवा की मांगों को गंभीरता से सुना और स्वीकार किया कि नई व्यवस्था में आ रही शुरुआती अड़चनों को दूर करना आवश्यक है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि:
* विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत और अपडेट किया जाएगा।
* तकनीकी खामियों को दूर कर सुचारु बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
* उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
राहत की उम्मीद
इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात के बाद अब नोएडा के निवासियों में उम्मीद जगी है। फोनरवा का मानना है कि मंत्री स्तर से हस्तक्षेप के बाद विभाग अपनी कार्यशैली में सुधार करेगा और स्मार्ट मीटर से जुड़ी ‘बैलेंस कटौती’ जैसी समस्याओं पर लगाम लगेगी।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं दिखा, तो वे उपभोक्ताओं के हित में आगे की रणनीति तैयार करेंगे।

