‘डॉन 3’ विवाद: धुरंधर रणवीर सिंह पर इंडस्ट्री की ‘नॉन-कोऑपरेशन’ की तलवार, ₹45 करोड़ का झगड़ा, FWICE का कड़ा रुख़

बॉलीवुड इन दिनों एक ऐसे विवाद की आग में जल रहा है जो किसी फ़िल्म की नहीं, बल्कि ताक़त, पैसे और इंडस्ट्री की अंदरूनी राजनीति की कहानी है। एक तरफ़ है ‘धुरंधर’ की सफलता से शिखर पर पहुँचा अभिनेता रणवीर सिंह, और दूसरी तरफ़ है फ़रहान अख़्तर की बहुप्रतीक्षित फ़िल्म ‘डॉन 3’ से उनका विदाई विवाद जिसने अब एक इंडस्ट्री-व्यापी संकट का रूप ले लिया है।

पहले सपना, फिर टूटन

अगस्त 2023 में जब फ़रहान अख़्तर ने रणवीर सिंह को ‘डॉन 3’ के नए ‘डॉन’ के रूप में पेश किया था, तो पूरे बॉलीवुड और दर्शकों में उत्साह की लहर दौड़ गई थी। अमिताभ बच्चन और शाहरुख़ ख़ान के बाद रणवीर सिंह इस प्रतिष्ठित फ्रैंचाइज़ी को नई ऊँचाइयों पर ले जाने वाले थे। एक्सेल एंटरटेनमेंट के लिए यह प्रोजेक्ट 2026 में फ़्लोर पर जाने वाला था और स्टूडियो की सबसे बड़ी दावेदारियों में से एक था। लेकिन दिसंबर 2025 में वह हुआ जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी।

‘धुरंधर’ की सफलता के बाद अचानक ‘डॉन 3’ से विदाई

रणवीर सिंह ने दिसंबर 2025 में ‘डॉन 3’ से यह कहते हुए बाहर निकलने की घोषणा की कि स्क्रिप्ट में बदलाव उनके इस निर्णय की मुख्य वजह है। यह घटनाक्रम आदित्य धर की जासूसी थ्रिलर ‘धुरंधर’ की भारी सफलता के ठीक बाद सामने आया, जो 5 दिसंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी। रणवीर के पक्ष का कहना है कि फ़िल्म कभी भी ‘क्रिएटिव रेडीनेस’ की स्थिति तक नहीं पहुँची। उनके शिविर के अनुसार, वर्षों के विकास के बावजूद स्क्रिप्ट को अंतिम रूप नहीं दिया गया था और कहानी के कई पहलू अनसुलझे रहे। उनका मानना था कि प्रोजेक्ट में वह स्केल और नैरेटिव ताक़त नहीं थी जिसका वादा साइनिंग के वक्त किया गया था। वहीं दूसरी ओर, एक्सेल एंटरटेनमेंट ने इस दावे को ख़ारिज किया। फ़रहान अख़्तर का कहना था कि स्क्रिप्ट को चरणों में विकसित और साझा किया गया था और रणवीर ने बिना किसी आपत्ति के हर ड्राफ्ट को मंज़ूरी दी थी।

₹45 करोड़ का नुकसान और प्रोड्यूसर्स गिल्ड की दस्तक

यह विवाद सिर्फ़ रचनात्मक मतभेदों तक सीमित नहीं रहा। फ़रहान अख़्तर ने शिकायत दर्ज कराई कि रणवीर सिंह ने शूटिंग शुरू होने से महज़ तीन हफ्ते पहले फ़िल्म छोड़ दी, जिससे प्रोडक्शन हाउस को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। रणवीर सिंह और फ़रहान अख़्तर के बीच ‘डॉन 3’ का यह झगड़ा अब ₹45 करोड़ के विवाद, FWICE की नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव और बॉलीवुड के सबसे चर्चित इंडस्ट्री संघर्षों में से एक बन चुका है। मामला प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया तक भी पहुँचा, किसी स्टार और प्रोडक्शन हाउस के बीच विवाद में यह एक दुर्लभ क़दम था। दो बंद-दरवाज़े की बैठकें आयोजित की गईं जिनमें वरिष्ठ प्रोड्यूसर और स्टूडियो प्रमुख मौजूद थे।

FWICE की ‘नॉन-कोऑपरेशन’ डायरेक्टिव — ‘बैन’ या चेतावनी?

11 अप्रैल 2026 को फ़रहान अख़्तर ने IFTDA (इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन) के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद मामला FWICE को सौंपा गया। फेडरेशन ने रणवीर सिंह को हर दस दिन पर एक-एक कर तीन नोटिस भेजे और उन्हें बॉडी के सामने पेश होने के लिए आमंत्रित किया। हालाँकि, फेडरेशन का कहना है कि अभिनेता ने तीन रिमाइंडर मिलने के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया। 23 मई को रणवीर के सेक्रेटरी ने ईमेल के जरिए जवाब दिया कि फेडरेशन का इस मामले पर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने स्पष्ट किया कि फेडरेशन ने रणवीर सिंह पर कोई कानूनी ‘बैन’ नहीं लगाया है। यह एक ‘नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव’ है, जिसके तहत FWICE से जुड़े 30 संबद्ध क्राफ्ट्स के सदस्य स्वेच्छा से रणवीर सिंह के साथ काम करने से परहेज़ कर सकते हैं। अशोक पंडित का स्वर हालाँकि कड़ा ज़रूर रहा। उन्होंने कहा “हम सब उनका सम्मान करते हैं। यह व्यक्तिगत नहीं है। वह उद्योग के बहुत महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं। ‘धुरंधर’ से उन्होंने दर्शकों को सिनेमाघरों में वापस लाया है। लेकिन आप इंडस्ट्री से कटे-कटे रहने का रवैया नहीं अपना सकते।”

रणवीर का जवाब — संयम और गरिमा

FWICE की डायरेक्टिव के बाद रणवीर सिंह की टीम ने एक आधिकारिक बयान जारी किया। उनकी टीम ने फिल्म बिरादरी और ‘डॉन’ फ्रैंचाइज़ी के प्रति गहरे सम्मान को दोहराते हुए कहा कि मामले में गरिमा बनाए रखने और अटकलबाज़ी से बचने के लिए जानबूझकर चुप्पी साधी गई थी।

इंडस्ट्री में भी उठे सवाल

यह विवाद बॉलीवुड की एक बड़ी और पुरानी खींचतान को सामने ले आया है। इस मामले ने बॉलीवुड में क्रिएटिव ट्रस्ट और वित्तीय जवाबदेही के बीच की बड़ी खाई को उजागर कर दिया है। जैसे-जैसे फ़िल्में महँगी और स्टार-केंद्रित होती जा रही हैं, प्रोड्यूसर सुरक्षा-कवच चाहते हैं, जबकि अभिनेता अपने सालों की मेहनत दाँव पर लगाने से पहले रचनात्मक स्पष्टता माँगते हैं।

‘डॉन 3’ का भविष्य अधर में

अभी तक ‘डॉन 3’ के लिए कोई नई कास्टिंग या प्रोडक्शन टाइमलाइन की घोषणा नहीं हुई है। रणवीर की विदाई ने प्रोजेक्ट को ठप कर दिया है और इस बात पर सवाल खड़े हो गए हैं कि यह फ्रैंचाइज़ी आगे किस तरह बढ़ेगी। एक दिलचस्प आरोप यह भी है कि एक्सेल एंटरटेनमेंट ने ‘धुरंधर’ की सफलता से पहले ऋतिक रोशन समेत अन्य कलाकारों के विकल्प तलाशे थे और फिर रणवीर की सफलता के बाद उनके पास वापस आई। रणवीर के शिविर ने इसे अनिश्चितता और प्रतिबद्धता के अभाव का संकेत माना। एक्सेल ने इस दावे को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया है। ‘डॉन 3’ का यह पूरा प्रकरण बॉलीवुड के उस अदृश्य सत्ता-संघर्ष का आईना है जहाँ एक अभिनेता कितना भी ‘धुरंधर’ बन जाए, इंडस्ट्री की ताक़त के गलियारे उसे याद दिलाते रहते हैं कि खेल के नियम वही तय करते हैं।

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