नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विपक्ष द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन के आह्वान के मद्देनजर आज सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। सरकार और प्रशासन ने विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। एहतियात के तौर पर दिल्ली की सीमाओं पर भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों (पैरामिलिट्री फोर्स) को तैनात किया गया है, जिससे शहर किसी किले में तब्दील नजर आ रहा है।
सीमाओं पर कड़ी चौकसी और बैरिकेडिंग
दिल्ली से सटे तमाम राज्यों की सीमाओं पर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य पड़ोसी राज्यों से दिल्ली में प्रवेश करने वाले रास्तों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। वाहनों की आवाजाही की बारीकी से निगरानी की जा रही है ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में बनी रहे और किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती: संवेदनशील इलाकों और सीमावर्ती चौकियों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
यातायात और आवाजाही पर असर: बैरिकेड्स और कड़े सुरक्षा पहरे के कारण कई मुख्य मार्गों पर लंबा जाम और धीमी गति से यातायात देखने को मिल रहा है।
शीर्ष नेताओं की निगरानी: विपक्षी दलों के नेताओं की गतिविधियों पर नजर रखते हुए प्रशासन ने दिल्ली के भीतर और प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा के कड़े चक्रव्यूह रचे हैं।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के प्रदर्शन या धरने की इजाजत नहीं दी जाएगी। कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है। अधिकारियों का कहना है कि शहर की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

