ग्रेटर नोएडा के जलपुरा गांव में 24 वर्षीय नवविवाहिता दीपिका नागर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने दहेज की लगातार मांग और प्रताड़ना के कारण उसे छत से फेंककर मार डाला। पुलिस का प्रारंभिक बयान आत्महत्या का है, लेकिन मृतका के शरीर पर चोट के निशानों को लेकर परिवार हत्या की आशंका जता रहा है। ईकोटेक-3 पुलिस ने पति ऋतिक तंवर (ह्रितिक) और ससुर मनोज को गिरफ्तार कर लिया है। दीपिका की शादी दिसंबर 2024 में जलपुरा के रहने वाले ऋतिक तंवर से हुई थी। घटना रविवार रात हुई, जब दीपिका घर की छत (तीसरी मंजिल) से गिर गई। परिवार के मुताबिक, समधी का फोन आने के आधे घंटे बाद जब दीपिका के पिता संजय नारंग/नागर अस्पताल पहुंचे तो उनकी बेटी मृत पाई गई। शारदा हॉस्पिटल में पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पिता का दर्दनाक बयान:
संजय नारंग ने बताया कि शादी के दो-तीन महीने बाद से ही ससुराल वाले दहेज की मांग शुरू कर चुके थे। वे फॉर्च्यूनर गाड़ी और 51 लाख रुपये नकद की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि शादी हाई-प्रोफाइल होनी चाहिए थी, लेकिन लड़की छोटे घर से है। पिता ने अपनी हैसियत के अनुसार शादी में स्कॉर्पियो एन गाड़ी, 5 लाख रुपये कन्यादान, 2.5 लाख लगन, 1.5 लाख चिट्ठी, 2.5 लाख गोद भराई के अलावा भारी मात्रा में सोना-चांदी (2.5-3 किलो चांदी) दिया था। कुल मिलाकर शादी पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च होने का परिवार का दावा है।परिवार का आरोप है कि दीपिका को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही थी। पिता ने कहा, “यह आत्महत्या नहीं, हत्या है। बेटी के शरीर पर चोट के निशान हैं।” उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी पति का एनकाउंटर किया जाए और उन्हें पूर्ण न्याय मिले।
पुलिस कार्रवाई:
ईकोटेक-3 थाना पुलिस ने दीपिका के पिता की शिकायत पर दहेज प्रताड़ना (धारा 498A) और आत्महत्या के लिए उकसाने (306) समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। कुछ रिपोर्टों में हत्या (302) की धारा भी जोड़े जाने की बात कही जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो मौत की असली वजह स्पष्ट करेगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह मामला उत्तर प्रदेश में दहेज की समस्या को एक बार फिर रेखांकित करता है। हाल ही में भोपाल की ट्विशा शर्मा मामले के बाद दीपिका की मौत ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश पैदा कर दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता और महिलाओं के संगठन न्याय की मांग कर रहे हैं तथा दहेज प्रथा पर सख्त कानून लागू करने की अपील कर रहे हैं। परिवार अब न्याय के लिए प्रशासन और अदालत का रुख कर रहा है। इस घटना ने एक बार फिर सवाल उठाया है कि शादी के बाद भी दहेज की भूख क्यों नहीं मिटती? दीपिका जैसी युवतियों की जिंदगी दहेज के दानव के आगे क्यों कुर्बान हो रही है?

