दिवाली पहले केंद्रीय कर्मचारियों को तोहफा, DA में 3% की बढ़ोतरी

नई दिल्ली, दिवाली से ठीक पहले केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई। इसके बाद DA मूल वेतन का 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा।

1 जुलाई 2026 से लागू होगी बढ़ोतरी

PIB की विज्ञप्ति के अनुसार, यह बढ़ा हुआ भत्ता 1 जुलाई 2026 से प्रभावी माना जाएगा। यानी कर्मचारियों को जुलाई से अब तक के महीनों का बकाया (एरियर) भी मिलेगा। केंद्र सरकार हर साल जनवरी और जुलाई में DA की दरों की समीक्षा करती है।

किन्हें मिलेगा फायदा

इस फैसले का लाभ केंद्र सरकार के कर्मचारियों, केंद्रीय पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशन पाने वालों को मिलेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 48 लाख केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 68 लाख पेंशनर इससे लाभान्वित होंगे।

सरकारी खजाने पर बोझ

रिपोर्ट्स के अनुसार इस बढ़ोतरी से सरकारी खजाने पर लगभग 10,016 करोड़ रुपये का वार्षिक भार पड़ेगा।

कैसे तय होता है महंगाई भत्ता

महंगाई भत्ता और महंगाई राहत कर्मचारियों व पेंशनरों को बढ़ती कीमतों के असर से बचाने के लिए दी जाती है। यह सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित तय फॉर्मूले के अनुसार, औद्योगिक श्रमिकों के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के 12 माह के औसत में बढ़ोतरी के आधार पर तय होती है। इस बार जून तक की अवधि के औसत को आधार बनाया गया है।

उदाहरण से समझें

अगर किसी कर्मचारी का मूल वेतन 50,000 रुपये है, तो 60 प्रतिशत की दर से उसे 30,000 रुपये DA मिल रहा था। अब 63 प्रतिशत के हिसाब से यह 31,500 रुपये हो जाएगा, यानी हर महीने 1,500 रुपये की बढ़ोतरी। (यह केवल गणना का उदाहरण है।)

CPSE कर्मचारियों के लिए भी संशोधन

इसी बीच, वित्त मंत्रालय के लोक उद्यम विभाग (DPE) ने 27 अक्टूबर के कार्यालय ज्ञापन के जरिए केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSE) के अधिकारियों और गैर-यूनियन पर्यवेक्षकों के लिए औद्योगिक महंगाई भत्ते (IDA) की दरें भी संशोधित की हैं। ये दरें पे-स्केल के अनुसार अलग-अलग हैं।

उपभोग को मिल सकता है सहारा

आर्थिक जानकारों के मुताबिक, केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों का बड़ा वर्ग देश के स्थिर उपभोक्ताओं में गिना जाता है, इसलिए त्योहारी सीजन में इस बढ़ोतरी से बाजार में खर्च को सहारा मिल सकता है। परंपरागत रूप से कई राज्य सरकारें भी केंद्र के DA पैटर्न का अनुसरण करती हैं।

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