नई दिल्ली/चंडीगढ़/लखनऊ, आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस ने पंजाब और उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक बदलाव करते हुए प्रदेश इकाइयों की नई टीम घोषित की है। पंजाब में पूर्व ओलंपियन और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं उत्तर प्रदेश में तीन बार की विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को यूपी कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।
राजा वडिंग के इस्तीफे के बाद परगट सिंह की ताजपोशी
पंजाब कांग्रेस में यह बदलाव अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफे के कुछ ही घंटे बाद हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, राजा वडिंग ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात के बाद प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ दिया। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने परगट सिंह की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दी।
परगट सिंह भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और ओलंपियन रहे हैं। वह जालंधर कैंट विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और पंजाब की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी नियुक्ति को कांग्रेस की ओर से चुनावी वर्ष से पहले संगठन को अधिक प्रभावी और जनाधार से जोड़ने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
पंजाब में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के भीतर मौजूद अलग-अलग गुटों के बीच बेहतर तालमेल कायम करने की होगी। हाल के महीनों में प्रदेश इकाई में मतभेदों और संगठनात्मक असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं। ऐसे में परगट सिंह को नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट कर पार्टी की चुनावी तैयारी को गति देने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया है कि पंजाब में चुनाव से जुड़ी विभिन्न कमेटियों के कार्यकारी अध्यक्ष, चेयरपर्सन और को-चेयरपर्सन पहले की तरह अपने पदों पर बने रहेंगे। इससे संकेत मिलता है कि पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष बदलने के साथ-साथ चुनावी ढांचे में व्यापक बदलाव के बजाय नेतृत्व के स्तर पर लक्षित फेरबदल किया है।
यूपी में आराधना मिश्रा को प्रदेश की कमान
उत्तर प्रदेश कांग्रेस में अजय राय की जगह आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। आराधना मिश्रा प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट से तीन बार की विधायक हैं। वह वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में गिनी जाती हैं।
आराधना मिश्रा को संगठन की कमान सौंपे जाने को कांग्रेस की महिला नेतृत्व और विधानसभा स्तर के अनुभव को प्राथमिकता देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। वह प्रदेश कांग्रेस में पहले भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं और कांग्रेस विधायक दल की नेता भी रही हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में चलाए गए पार्टी के अभियानों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
कांग्रेस ने आराधना मिश्रा के साथ सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। इमरान मसूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रभाव रखने वाले नेता माने जाते हैं। उनकी नियुक्ति के जरिए पार्टी ने प्रदेश संगठन में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है।
इसके अलावा देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को प्रदेश कांग्रेस का वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधायक दल के नेता के रूप में चौधरी वीरेंद्र सिंह की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई है। पार्टी के अनुसार, सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
2027 के चुनावों पर नजर
उत्तर प्रदेश और पंजाब—दोनों राज्यों में कांग्रेस का यह फेरबदल आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश में पार्टी को संगठन का विस्तार करने, बूथ स्तर पर ढांचा मजबूत करने और विपक्षी दलों के बीच अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान मजबूत करने की चुनौती है। नई टीम के सामने कार्यकर्ताओं में ऊर्जा पैदा करने और जिलों से लेकर मंडल स्तर तक संगठन को सक्रिय करने का काम होगा।
पंजाब में भी कांग्रेस के लिए चुनावी मुकाबला आसान नहीं होगा। परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने एक ऐसे नेता पर भरोसा जताया है, जिसकी पहचान राजनीति के साथ-साथ खेल जगत में भी रही है। अब उनके सामने पार्टी के विभिन्न धड़ों को साथ लाने, सरकार और विपक्षी दलों के खिलाफ प्रभावी राजनीतिक अभियान तैयार करने तथा कांग्रेस के पारंपरिक समर्थन आधार को फिर से मजबूत करने की चुनौती होगी।
बदलाव का राजनीतिक संदेश
कांग्रेस के इस दोहरे फेरबदल में तीन प्रमुख संकेत दिखाई देते हैं। पहला, पार्टी ने चुनाव से पहले प्रदेश संगठनों में नेतृत्व परिवर्तन कर अपनी तैयारी तेज करने का संदेश दिया है। दूसरा, पंजाब में अनुभवी और लोकप्रिय विधायक परगट सिंह तथा उत्तर प्रदेश में विधानसभा राजनीति से आने वाली आराधना मिश्रा को जिम्मेदारी देकर पार्टी ने जमीनी नेतृत्व को महत्व दिया है। तीसरा, इमरान मसूद, देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को जिम्मेदारियां देकर उत्तर प्रदेश संगठन में क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
हालांकि, केवल पदों में बदलाव से चुनावी सफलता सुनिश्चित नहीं होती। कांग्रेस की वास्तविक परीक्षा अब संगठन को सक्रिय करने, स्थानीय स्तर पर गुटबाजी कम करने, उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया मजबूत बनाने और जनता के बीच स्पष्ट राजनीतिक मुद्दों के साथ जाने में होगी।
नियुक्तियों पर एक नजर
| राज्य | नई नियुक्ति | पूर्व व्यवस्था/अतिरिक्त जिम्मेदारी |
|—|—|—|
| पंजाब | परगट सिंह — प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष | अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के बाद नियुक्ति |
| उत्तर प्रदेश | आराधना मिश्रा ‘मोना’ — प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष | अजय राय की जगह नियुक्ति |
| उत्तर प्रदेश | इमरान मसूद — कार्यकारी अध्यक्ष | पश्चिमी यूपी में संगठनात्मक भूमिका |
| उत्तर प्रदेश | देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद — वरिष्ठ उपाध्यक्ष | प्रदेश संगठन का विस्तार |
| उत्तर प्रदेश | चौधरी वीरेंद्र सिंह — कांग्रेस विधायक दल के नेता | नियुक्ति को तत्काल मंजूरी |

