Commercial LPG cylinder: नई दिल्ली/कोलकाता। अगस्त के पहले दिन सरकारी तेल कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) ने 19 किलो वाले कमर्शियल (हलवाई) एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 192 से 209 रुपये तक की कटौती कर दी है। यह कटौती आज यानी 1 अगस्त 2026 से लागू हो गई है। कोलकाता में सबसे ज्यादा 209 रुपये की कमी हुई, जहां नया रेट 2,872.50 रुपये हो गया। दिल्ली में 192 रुपये की कटौती के बाद कीमत 2,738 रुपये रह गई है। पटना में भी 209 रुपये घटकर 3,018 रुपये हो गया है। मुंबई में करीब 194 रुपये की कमी के साथ नया दाम 2,691.50 रुपये है।
घरेलू 14.2 किलो रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में यह 942 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये और मुंबई में 941.50 रुपये पर बरकरार है। यह लगातार दूसरी मासिक कटौती है। जुलाई में भी दिल्ली में 183.50 रुपये की कमी हुई थी। इससे पहले इस साल जनवरी से मई तक कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई थी। मई में तो एक झटके में 993 रुपये तक का इजाफा हुआ था, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में पश्चिम एशिया संकट के कारण सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में उछाल आया था। अब वैश्विक कीमतों में नरमी और आपूर्ति सुधरने से कंपनियों ने कमर्शियल रेट घटाए हैं।
आम जनता और कारोबारियों की प्रतिक्रिया
इस कटौती का सबसे सीधा फायदा होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कैटरिंग और छोटे खान-पान के कारोबारियों को मिलेगा, जो रोज कई सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं। दिल्ली के एक चाय विक्रेता ने एएनआई से बात करते हुए कहा, “लागत घटी है, यह अच्छी बात है, लेकिन और थोड़ी कमी होनी चाहिए।” ढाबा और छोटी दुकान चलाने वाले कारोबारी राहत महसूस कर रहे हैं। एक रेस्टोरेंट मालिक (नाम न छापने की शर्त पर) ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में गैस का खर्च इतना बढ़ गया था कि मेन्यू रेट बढ़ाने का दबाव बन रहा था। अब दो महीने की लगातार कटौती से मासिक खर्च में हजार-दो हजार रुपये की बचत हो सकती है, जिससे ग्राहकों को थोड़ी राहत मिल सकती है।
वहीं आम घरेलू उपभोक्ता निराश हैं। कई लोगों का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडर सस्ता हो रहा है, लेकिन घर की रसोई गैस महंगी बनी हुई है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने लिखा कि सरकारी सब्सिडी घरेलू सिलेंडर पर जारी है (जुलाई में भी प्रति सिलेंडर 500 रुपये से ज्यादा अंडर-रिकवरी बताई गई थी), इसलिए घरेलू रेट नहीं घटे। लेकिन महंगाई के दौर में आम आदमी को भी सीधी राहत चाहिए। हलवाई और मिठाई की दुकान चलाने वाले भी खुश हैं। एक हलवाई ने कहा, “सिलेंडर का दाम कम होने से मिठाई बनाने की लागत थोड़ी घटेगी। उम्मीद है कि आगे और कमी हो।”
क्यों सिर्फ कमर्शियल में कटौती?
कमर्शियल एलपीजी पूरी तरह बाजार आधारित है। अंतरराष्ट्रीय कीमत और रुपये-डॉलर रेट के हिसाब से हर महीने संशोधन होता है। घरेलू सिलेंडर पर सरकार और कंपनियां भारी सब्सिडी देती हैं, ताकि आम परिवारों पर बोझ न पड़े। इसलिए घरेलू रेट स्थिर रखे जाते हैं। इस साल की बढ़ोतरी का असर अभी भी दिख रहा है। दिसंबर 2025 में दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर करीब 1,580 रुपये था, जो मई में 3,000 रुपये के पार चला गया था। अब दो कटौतियों के बाद भी कीमत ऊंची बनी हुई है।
शहरवार नए रेट (1 अगस्त 2026)
दिल्ली: 2,738 रुपये (−192)
कोलकाता: 2,872.50 रुपये (−209)
पटना: 3,018 रुपये (−209)
मुंबई: 2,691.50 रुपये (−194)
बेंगलुरु: करीब 2,821 रुपये (−200)
कारोबारी उम्मीद जता रहे हैं कि अगर कच्चे तेल और अंतरराष्ट्रीय एलपीजी कीमतें और गिरती रहीं तो अगले महीनों में और राहत मिल सकती है। आम जनता का साफ संदेश है—कमर्शियल के साथ घरेलू सिलेंडर में भी कमी हो, तभी महंगाई पर सही लगाम लगेगी।

