सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित करीब 70 साल पुरानी मस्जिद को हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई शनिवार तड़के शुरू हुई। सुबह करीब 4 बजे से छह बुलडोजर मस्जिद को ढहाने में लगाए गए। कार्रवाई के दौरान मस्जिद का एक हिस्सा गिराए जाने की जानकारी सामने आई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से 5 कंपनी पीएसी, RAF और पुलिस के करीब 200 जवानों को तैनात किया है। पुलिस ने मस्जिद के आसपास बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी है।
रात में मस्जिद तोड़े जाने की अफवाह से जुटी भीड़
मस्जिद पर कार्रवाई से पहले शुक्रवार रात करीब 11 बजे प्रशासन द्वारा मस्जिद तोड़े जाने की अफवाह फैल गई। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास पहुंच गए।
भीड़ जुटने की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने लोगों को वहां से हटाया और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद शनिवार तड़के प्रशासन की कार्रवाई शुरू हुई।
कार्रवाई का विरोध करने पहुंच रहीं इकरा हसन हाउस अरेस्ट
मस्जिद हटाने की कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना सांसद इकरा हसन सहारनपुर पहुंचने की कोशिश कर रही थीं। पुलिस ने उन्हें कथित तौर पर हाउस अरेस्ट कर लिया।
इस दौरान सांसद की पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस होने की बात सामने आई है। बताया गया कि इकरा हसन ने इंस्पेक्टर और महिला दरोगा से नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें रोका नहीं जा सकता और वे किसी से डरने वाली नहीं हैं।
मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने की अपील की
मामले पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार से मस्जिद को हटाने की कार्रवाई तत्काल रोकने की अपील की। मायावती ने कहा कि जल्दबाजी में इस तरह की कार्रवाई करना उचित नहीं है।
उन्होंने मामले में प्रशासन से संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने की मांग की है।
इमरान मसूद ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की
सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद भी शुक्रवार रात फेसबुक लाइव आए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसा कोई कदम न उठाएं, जिससे भविष्य में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़े।
इमरान मसूद ने मस्जिद को तोड़े जाने की कार्रवाई को गलत बताते हुए कहा कि इसके खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया जाएगा। उन्होंने लोगों से संयम बरतने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई
मस्जिद ढहाने की कार्रवाई के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पांच कंपनी पीएसी, RAF और पुलिस के जवानों की तैनाती के साथ पुलिस किसी भी व्यक्ति को कार्रवाई स्थल के पास जाने की अनुमति नहीं दे रही है।
प्रशासन की कार्रवाई के बीच राजनीतिक विरोध और बयानबाजी भी तेज हो गई है। ऐसे में सहारनपुर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
हाईकोर्ट जाने की तैयारी
मस्जिद को हटाने की कार्रवाई के खिलाफ इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। वहीं, इकरा हसन और मायावती की प्रतिक्रियाओं के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है। अब पूरे मामले में प्रशासन की कार्रवाई का आधार, मस्जिद की जमीन से संबंधित रिकॉर्ड और आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
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