Bihar temple stampede: लखीसराय (बिहार), सावन माह के तीसरे सोमवार (तीसरी सोमवारी) पर भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं के बीच सोमवार सुबह अशोक धाम मंदिर परिसर में भयानक भगदड़ मच गई। इस हादसे में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई जबकि 12 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों को लखीसराय सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
घटना सुबह करीब 6:40 से 6:45 बजे के बीच हुई। प्रसिद्ध इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर (अशोक धाम) में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा थी। अनुमान के मुताबिक करीब 50,000 लोग जलाभिषेक के लिए पहुंचे थे। अशोक धाम हॉल्ट पर दोनों दिशाओं से दो ट्रेनें लगभग एक साथ आने से भीड़ अचानक और बढ़ गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मंदिर परिसर या उससे जुड़े रास्ते पर बिजली का खंभा/तार गिर गया। इससे अफवाह फैल गई कि हाई-टेंशन तार में करंट फैल रहा है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिजली आपूर्ति पहले से बंद कर दी गई थी और तार ढका हुआ था। अफवाह से दहशत फैल गई और लोग भागने लगे। भीड़ के दबाव से एक तरफ (खेत की ओर) बैरिकेडिंग टूट गई, जिससे लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े और कई महिलाएं कुचल गईं।
लखीसराय के जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए पहले से व्यवस्थाएं की थीं। टीम सुबह 3:30 बजे से ही मौके पर मौजूद थी। फिर भी भीड़ अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई। उन्होंने कहा, “बैरिकेडिंग एक तरफ टूट गई और लोग एक-दूसरे पर गिर गए। तुरंत 10-15 लोगों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया।”
एबीपी लाइव सहित कुछ रिपोर्टों में शुरुआती आंकड़ा आठ महिलाओं की मौत का भी बताया गया, जबकि अधिकांश समाचार माध्यमों और आधिकारिक बयानों में सात मौतों की पुष्टि हुई है। मौतें करंट लगने से नहीं बल्कि भगदड़ में कुचलने से हुईं, यह डीएम और एडीएम नीरज कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया।
पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और मेडिकल टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। राहत-बचाव कार्य जारी है। स्थानीय प्रशासन ने घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। गवाहों ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। एक गवाह ने बताया कि सुरक्षा कर्मी पर्याप्त संख्या में नहीं थे और ढलान वाले रास्ते पर धक्का-मुक्की होने से बैरिकेडिंग टूटी। अशोक धाम मंदिर में पहले भी सावन के दौरान भगदड़ की घटनाएं हो चुकी हैं। 2019 में भी इसी मौके पर एक श्रद्धालु की मौत हुई थी। जिला प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और घायलों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। आगे की जांच रिपोर्ट आने पर और स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

