Bhopal farmers’ protest: भोपाल में किसान आंदोलन उग्र, बसों पर चढ़े प्रदर्शनकारी; बैरिकेड तोड़कर CM हाउस की ओर बढ़े, पांच मांगों पर अड़े किसान

Bhopal farmers’ protest: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसानों का प्रदर्शन बुधवार दोपहर बाद उग्र रूप ले चुका है। दोपहर करीब एक बजे के बाद कई युवा किसान बसों की छतों पर चढ़ गए और वहीं से नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में नाकाम दिखा, जबकि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड को घसीटकर हटाना शुरू कर दिया। किसान नेता भीड़ को शांत रहने की अपील कर रहे हैं, लेकिन युवा प्रदर्शनकारी उग्र रुख अपनाए हुए हैं।

पांच मांगों को लेकर आंदोलन

किसानों की पांच प्रमुख मांगें हैं — मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद, MSP को कानूनी गारंटी का दर्जा, खाद की पर्याप्त उपलब्धता, अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील को रद्द करना, और किसानों से जुड़े पूर्व चुनावी वादों (मोदी की गारंटी) को पूरा करना। इन्हीं मांगों को लेकर किसान संगठनों ने ‘किसान क्रांति पदयात्रा’ शुरू कर मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया है।

मंगलवार रात से डटे किसान

किसानों के जत्थे को मंगलवार को होशंगाबाद रोड स्थित वीर सावरकर सेतु पर रोक दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने रातभर वहीं डेरा डाले रखा। बुधवार सुबह से नर्मदापुरम, हरदा, रायसेन और सीहोर जिलों से बड़ी संख्या में किसान भोपाल पहुंचे, जिससे प्रदर्शनकारियों की संख्या तेजी से बढ़ी। आंदोलन के मद्देनजर नर्मदापुरम रोड सहित प्रभावित इलाकों के कई स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।

किसान नेता का बयान

किसान नेता गजेंद्र सिंह जाट ने प्रशासन पर दबाव बनाते हुए कहा कि यदि सरकार उन्हें रोकने की कोशिश करती रही, तो किसान मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचने के वैकल्पिक रास्ते तलाशेंगे और मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और तेज होगा।

जेन-जी की भागीदारी

दिल्ली के जंतर-मंतर के बाद अब भोपाल आंदोलन में भी युवा (जेन-जी) वर्ग सक्रिय भूमिका निभा रहा है, तख्तियों और पोस्टरों के जरिए रचनात्मक ढंग से विरोध जता रहा है।

कांग्रेस का समर्थन

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों की पीड़ा सुनना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और कांग्रेस किसानों की हर मांग के साथ खड़ी है।

सरकार की प्रतिक्रिया

प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने मंगलवार को किसान प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर मूंग खरीदी सहित मुद्दों के प्राथमिकता से निपटारे का भरोसा दिलाया, और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को मूंग खरीदी कोटा बढ़ाने के लिए पत्र भी लिखा। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान हेतु एक समिति बनाई गई है और संवाद के जरिए हल निकाला जाएगा।

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