दीपावली 2026: सोने की मांग में उछाल, दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर और शिवाजी की किल्ला परंपरा के साथ त्योहार की रौनक

नई दिल्ली/मुंबई। दीपावली 2026 (8 नवंबर) देशभर में रोशनी, खुशियों और परंपराओं के साथ मनाई जा रही है। इस साल त्योहार कई खास घटनाओं से जुड़ा हुआ है। एक तरफ सोने की कीमतों में गिरावट के चलते मांग में उछाल आया है, दूसरी तरफ दिल्ली दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार हो गया है। वहीं महाराष्ट्र में सदियों पुरानी किल्ला बनाने की परंपरा जीवित है, जिसमें पहला दीया छत्रपति शिवाजी महाराज को अर्पित किया जाता है। साथ ही लोग परिवार-दोस्तों को हैप्पी दीपावली की शुभकामनाएं भेज रहे हैं।

सोने की मांग में बढ़ोतरी, कीमतों में गिरावट का फायदा

दुनिया के दूसरे सबसे बड़े सोने के उपभोक्ता भारत में दीपावली से पहले सोने की मांग में सुधार देखने को मिला। धनतेरस (6 नवंबर) पर कीमतों के सात महीने के निचले स्तर पर आने से खरीदारों की भीड़ ज्वेलरी शोरूम में बढ़ गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के सचिव सुरेंद्र मेहता के अनुसार, जो लोग सुधार का इंतजार कर रहे थे, उन्होंने मौका गंवाना नहीं चाहा। इस साल धनतेरस की बिक्री पिछले साल की तुलना में करीब 10 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है।

स्थानीय कीमतें शुक्रवार को करीब 1,41,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास थीं, जबकि इससे पहले यह 1,37,863 रुपये तक गिर चुकी थीं (मार्च के बाद सबसे कम)। साल की शुरुआत में कीमतें 1,80,779 रुपये तक पहुंच गई थीं। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में सूखे की स्थिति के कारण किसानों की क्रय शक्ति प्रभावित होने से मांग अपेक्षाकृत कमजोर रही। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई-सितंबर तिमाही में मांग में 29 प्रतिशत की गिरावट आई थी, लेकिन त्योहारी सीजन से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। आयात शुल्क और ऊंची कीमतों के बावजूद हल्के वजन के ज्वेलरी और सिक्के-बार की मांग बनी हुई है।

दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर

दीपावली की पूर्व संध्या पर दिल्ली को स्विस समूह IQAir ने दुनिया के प्रमुख शहरों में सबसे प्रदूषित करार दिया। शनिवार सुबह 10:35 बजे अमेरिकी एयर क्वालिटी इंडेक्स पर दिल्ली का आंकड़ा 581 रहा, जो लाहौर (285) से दोगुना से ज्यादा था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार दिल्ली का AQI 363 पर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में था। शुक्रवार को पूर्व-दीपावली वायु गुणवत्ता आठ साल में सबसे खराब बताई गई।

सरकार ने दिल्ली और आसपास के स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस का आदेश दिया और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दिया। दीपावली पर पटाखों के इस्तेमाल से प्रदूषण और बढ़ने की आशंका है। CAQM ने GRAP-III लागू कर दिया है। ठंड और प्रतिकूल मौसम की स्थिति में वाहनों के धुएं, निर्माण धूल और फसल अवशेष जलाने से समस्या और गंभीर हो जाती है।

शिवाजी महाराज को पहला दीया, किल्ला बनाने की सदियों पुरानी परंपरा

महाराष्ट्र और उत्तर कर्नाटक में दीपावली की शुरुआत किल्ला बनाने से होती है। बच्चे और परिवार मिट्टी, पत्थर, ईंटों से छत्रपति शिवाजी महाराज के ऐतिहासिक किलों की लघु प्रतिकृतियां बनाते हैं। पहला दीया किले के शीर्ष पर शिवाजी महाराज को अर्पित किया जाता है। यह परंपरा लगभग 300 साल पुरानी मानी जाती है और स्वराज्य की याद दिलाती है।

इस साल पुणे में किलोत्सव 2026 में 4,000 से ज्यादा किल्ले एक साथ बनाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया गया। परिवार रायगढ़, प्रतापगढ़, सिंहगढ़ जैसे किलों की नकल बनाते हैं, सरसों या धनिए के बीज बोकर हरा-भरा रूप देते हैं और सैनिकों, घोड़ों की मूर्तियों से सजाते हैं। कई लोग इसे इतिहास को जीवित रखने का तरीका बताते हैं। शहरों में जगह की कमी और स्क्रीन टाइम बढ़ने के बावजूद सोशल मीडिया और प्रतियोगिताओं से परंपरा को नई ऊर्जा मिल रही है।

हैप्पी दीपावली 2026: शुभकामनाएं और संदेश

दीपावली प्रकाश का त्योहार है, जो अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। लोग परिवार और दोस्तों को ये संदेश भेज रहे हैं:

दीपों की रोशनी आपके जीवन को खुशियों, समृद्धि और शांति से भर दे। हैप्पी दीपावली 2026! माँ लक्ष्मी आपके घर में धन-धान्य लाएं और गणेशजी हर बाधा दूर करें। शुभ दीपावली!
हर दीये की लौ आपके रास्ते रोशन करे, हर प्रार्थना शांति लाए। परिवार के साथ खुशहाल दीपावली। रोशनी, प्यार और मिठाइयों से भरी दीपावली। सबको शुभकामनाएं! दीपावली 2026 पांच दिवसीय त्योहार के रूप में मनाई जा रही है। धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक यह उत्सव परिवारों को जोड़ता है। प्रदूषण की चुनौती के बावजूद लोग सुरक्षित तरीके से जश्न मनाने और परंपराओं को जीवित रखने पर जोर दे रहे हैं।

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