अर्थव्यवस्था, ईरान युद्ध और भ्रष्टाचार से हारा माय फ्रेंड, मिडटर्म में ऐतिहासिक ब्लू वेव

वॉशिंगटन: मंगलवार को संपन्न हुए अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने दोनों सदनों—हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट—पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। यह जीत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी के लिए करारा झटका साबित हुई है। मतदाताओं ने अर्थव्यवस्था में महंगाई, ईरान युद्ध और प्रशासन में भ्रष्टाचार की चिंताओं को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है।

रॉयटर्स, एसोसिएटेड प्रेस, ब्लूमबर्ग और अन्य प्रमुख मीडिया आउटलेट्स के प्रोजेक्शन के अनुसार, डेमोक्रेट्स ने सीनेट में कम से कम सात रिपब्लिकन सीटें फ्लिप कीं। इनमें टेक्सास में जेम्स टालारिको की केन पैक्सटन पर जीत, कंसास में एडम हैमिल्टन की 94 साल बाद पहली डेमोक्रेटिक जीत, आयोवा, साउथ कैरोलिना, ओहायो, नॉर्थ कैरोलिना और मेन जैसी सीटें शामिल हैं। हाउस में भी डेमोक्रेट्स ने दर्जनों सीटें फ्लिप कर आरामदायक बहुमत हासिल कर लिया। यह नतीजा उन राज्यों में भी देखा गया जहां ट्रंप ने 2024 में भारी जीत हासिल की थी। टेक्सास में गवर्नर की रेस भी डेमोक्रेट्स ने जीती। वोटर्स ने ट्रंप की नीतियों, खासकर टैरिफ से बढ़ी कीमतों और विदेश नीति को नकार दिया।

डेमोक्रेटिक लीडर्स ने इसे “जनरेशनल शिफ्ट” बताया है। सीनेट लीडर चक शूमर और हाउस लीडर हकीम जेफ्रीज ने कहा कि अमेरिकी जनता बदलाव चाहती है। ट्रंप ने नतीजों को स्वीकार करते हुए कहा कि वे मतपत्र पर नहीं थे, लेकिन उनके समर्थकों ने पार्टी को समर्थन नहीं दिया। नए कांग्रेस में डेमोक्रेट्स के पास ट्रंप प्रशासन की नीतियों की जांच और विरोध करने की मजबूत स्थिति होगी। जनवरी 2027 से नया सत्र शुरू होगा।

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