ग्रेटर नोएडा/पुणे। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की ग्रेटर नोएडा स्थित सेक्टर पाई शाखा में ग्राहकों के खातों से कथित रूप से 10.24 करोड़ रुपये अनधिकृत तरीके से निकालने के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। CBI ने मंगलवार को बैंक की ऑफिस असिस्टेंट दीपांशी और पुणे से निजी व्यक्ति आशुतोष कुमार पाठक को गिरफ्तार किया।
कैसे खुला घोटाला
मामला तब सामने आया, जब 16 सितंबर को एक ग्राहक ने अपने खाते से हुए तीन संदिग्ध निकासी की शिकायत शाखा प्रबंधक से की। बैंक की आंतरिक जांच में विभिन्न बचत और सावधि जमा (FD) खातों से कुल 10.24 करोड़ रुपये की अनधिकृत डेबिट की पहचान हुई, जिन्हें पिछले लगभग तीन साल में निकाले जाने का आरोप है। CBI की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, गाजियाबाद ने 29 अक्टूबर को PNB के नोएडा मंडल के मुख्य प्रबंधक की 23 अक्टूबर की लिखित शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की थी।
आरोप क्या हैं
जांच एजेंसी के अनुसार, ऑफिस असिस्टेंट दीपांशी ने अन्य अधिकारियों के कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) यूजर आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर ग्राहकों के खातों में अनधिकृत लेनदेन किए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने छह बैंक अधिकारियों के लॉगिन विवरणों का इस्तेमाल किया और CCTV फुटेज में उसे सहकर्मियों के स्टेशन पर काम करते पाया गया था।
CBI का आरोप है कि दीपांशी ने आशुतोष पाठक और अन्य अज्ञात लोगों की मिलीभगत से पैसा निकालकर अलग-अलग माध्यमों से हड़प लिया। प्राथमिकी में आपराधिक साजिश, विश्वासघात, धोखाधड़ी, खातों में हेराफेरी और लोक सेवक द्वारा आपराधिक कदाचार से जुड़े भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।
गिरफ्तारी और अगली कार्रवाई
CBI ने दीपांशी और आशुतोष पाठक को गिरफ्तार किया। पाठक को पुणे से पकड़ा गया और CBI मामलों की पुणे स्थित विशेष अदालत से उसका ट्रांजिट रिमांड लिया गया है। बैंक ने कहा है कि अभी तक पहचानी गई राशि 10.24 करोड़ रुपये है, लेकिन लेनदेन और खातों के मिलान जारी होने से घोटाले की वास्तविक सीमा और पीड़ित ग्राहकों की संख्या बढ़ सकती है। इस बीच PNB ने शाखा के कर्मचारियों को निलंबित या स्थानांतरित कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है।
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