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NEET UG Paper Leak: देश का सबसे बड़ा एजुकेशन स्कैम? सरकार ने माना ‘कमांड चेन में ब्रेक’ – जय हिन्द जनाब NEET UG Paper Leak: देश का सबसे बड़ा एजुकेशन स्कैम? सरकार ने माना ‘कमांड चेन में ब्रेक’ – जय हिन्द जनाब

NEET UG Paper Leak: देश का सबसे बड़ा एजुकेशन स्कैम? सरकार ने माना ‘कमांड चेन में ब्रेक’

NEET UG Paper Leak: NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर जारी विवाद में सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के बीच स्पष्ट विरोधाभास सामने आया है। NTA प्रमुख ने संसदीय समिति को बताया कि परीक्षा में पूरा पेपर लीक नहीं हुआ, बल्कि केवल कुछ प्रश्न ही बाहर आए थे। वहीं, सरकार ने स्वीकार किया कि परीक्षा की “कमांड चेन” में ब्रेक (breach) हुआ था। इस द्वंद्व ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा पर गहरे विश्वास संकट को जन्म दे दिया है।

संसद की शिक्षा, महिला, बच्चे, युवा एवं खेल संबंधी स्थायी समिति की बैठक में NTA चेयरपर्सन प्रदीप कुमार जोशी ने स्पष्ट किया कि NEET-UG 2026 में कोई पूर्ण पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “केवल कुछ प्रश्न परीक्षा से पहले सामने आए थे।” NTA का तर्क है कि भले ही पूर्ण लीक न हुआ हो, लेकिन परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। दूसरी ओर, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और सरकार की ओर से “chain of command में breach” की स्वीकारोक्ति की गई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने माना कि परीक्षा प्रक्रिया की कमान संभालने वाली व्यवस्था में कमजोरी आई, जबकि NTA का दावा है कि पेपर “सिस्टम के माध्यम से” लीक नहीं हुआ। इस विरोधाभासी बयानों ने सवाल उठा दिया है कि आखिर हुआ क्या था?

क्या हुआ था वास्तव में?

NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई 2026 को देशभर में 22 लाख से अधिक छात्रों ने दी थी। परीक्षा के कुछ दिनों बाद राजस्थान के सीकर और अन्य जगहों पर एक “गेस पेपर” वायरल हुआ, जिसमें असली पेपर के कई प्रश्न (कुछ रिपोर्ट्स में 120-140 प्रश्न, लगभग 600 मार्क्स के) मैच कर रहे थे। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की जांच में इसकी पुष्टि हुई। NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी और CBI को जांच सौंपी। अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें कुछ NTA स्टाफ और कोचिंग सेंटर से जुड़े लोग शामिल हैं। जांच में पेपर लीक का नेटवर्क राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और अन्य राज्यों तक फैला दिख रहा है।

संसदीय समिति में क्या हुआ?

21 मई को हुई पांच घंटे लंबी बैठक में NTA और उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को पूछताछ की गई। समिति की अध्यक्षता कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह कर रहे हैं। बैठक में K. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के क्रियान्वयन, सुरक्षा चूक और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई।NTA ने “शून्य सहनशीलता” नीति का हवाला देते हुए कहा कि कुछ प्रश्न लीक होने भर से भी परीक्षा रद्द करना जरूरी था। सरकार ने भी कमांड चेन में ब्रेक मान लिया, लेकिन दोनों पक्ष पूर्ण लीक की बजाय “सीमित अनियमितता” पर जोर दे रहे हैं।

छात्रों और विपक्ष का गुस्सा

परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों का एक साल प्रभावित हुआ है। कई जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं। कुछ छात्रों ने तनाव में आत्महत्या तक कर ली। विपक्ष ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है और पूरे सिस्टम पर सवाल उठाए हैं।

री-एग्जाम कब?

NTA ने 21 जून 2026 को री-एग्जाम का प्रस्ताव रखा है। नई परीक्षा में बेहतर सुरक्षा, डिजिटल निगरानी और संभवतः CBT (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) मोड की ओर बढ़ने की तैयारी है।

पृष्ठभूमि और सबक

यह विवाद 2024 के NEET पेपर लीक की याद दिलाता है। तब भी परीक्षा रद्द हुई थी और K. राधाकृष्णन समिति गठित की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि NTA की संरचना में सुधार की जरूरत है। संसदीय समिति अब इन सुधारों की समीक्षा करेगी। छात्रों के लिए सलाह: NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर ही अपडेट चेक करें। अफवाहों से बचें और री-एग्जाम की तैयारी जारी रखें। NEET जैसे परीक्षाओं पर देश के भविष्य का भरोसा टिका है। “कुछ प्रश्न” बनाम “कमांड चेन ब्रेक” की इस बहस का अंतिम फैसला CBI जांच और संसदीय समिति की रिपोर्ट तय करेगी। फिलहाल, छात्र समुदाय में आक्रोश और अनिश्चितता बनी हुई है।

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