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Supreme Court hearing on Sonam Wangchuk's NSA detention: आरोपों से इनकार, चिकित्सा जांच के लिए निर्देश, अगली तारीख सोमवार – जय हिन्द जनाब Supreme Court hearing on Sonam Wangchuk's NSA detention: आरोपों से इनकार, चिकित्सा जांच के लिए निर्देश, अगली तारीख सोमवार – जय हिन्द जनाब

Supreme Court hearing on Sonam Wangchuk’s NSA detention: आरोपों से इनकार, चिकित्सा जांच के लिए निर्देश, अगली तारीख सोमवार

Supreme Court hearing on Sonam Wangchuk’s NSA detention: जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई की। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने वांगचुक की पत्नी गितांजलि जे अंगमो की याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की दलीलें सुनीं। कोर्ट ने हिरासत की वैधता पर फैसला टालते हुए सोमवार तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी और वांगचुक की चिकित्सा जांच के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

मुख्य दलीलें और कोर्ट की टिप्पणियां
कपिल सिब्बल ने दलील दी कि हिरासत आदेश पुरानी एफआईआर और वीडियो के चुनिंदा अंशों पर आधारित है, जो भ्रामक हैं। उन्होंने आरोपों का खंडन किया कि वांगचुक ने:
• हिंदू देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं,
• सीमा पर तैनात सैनिकों को हड़ताल के लिए उकसाया,
• आत्मदाह की बात कही,
• या ‘अरब स्प्रिंग’ जैसे तरीके से सरकार को उखाड़ फेंकने की बात की।

सिब्बल ने कहा कि हिरासत प्राधिकारी को पूरा बयान देखना चाहिए, न कि अलग-अलग वाक्यों पर भरोसा करना चाहिए। उन्होंने NSA की धारा 5A का हवाला देते हुए तर्क दिया कि अलग-अलग घटनाओं को स्वतंत्र आधार नहीं बनाया जा सकता, बल्कि यह एक सतत आचरण है। राजनीतिक आंदोलन, शांतिपूर्ण प्रदर्शन और सरकार की आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा हैं, जिनके लिए NSA का इस्तेमाल उचित नहीं है।

चिकित्सा संबंधी निर्देश
वांगचुक की पेट संबंधी समस्याओं (पेट दर्द, बार-बार दस्त) का जिक्र आने पर कोर्ट ने चिंता जताई। सिब्बल ने कहा कि जेल के पानी से समस्या हो रही है और डॉक्टर समय पर नहीं आते। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) केएम नटराज ने बताया कि 26 सितंबर 2025 से 27 जनवरी 2026 तक वांगचुक की 21 बार मेडिकल जांच हुई है और ब्लड प्रेशर व अन्य पैरामीटर सामान्य हैं।

कोर्ट ने निर्देश दिया:
• जरूरी चिकित्सा सुविधा तुरंत उपलब्ध कराई जाए।
• सरकारी अस्पताल के स्पेशलिस्ट से जांच कराई जाए।
• जांच रिपोर्ट सोमवार तक सीलबंद लिफाफे में पेश की जाए।
ASG ने आश्वासन दिया कि किसी भी जरूरी इलाज में देरी नहीं होगी।

मामले की पृष्ठभूमि
सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को NSA के तहत हिरासत में लिया गया था। लद्दाख में राज्य का दर्जा और सिक्स्थ शेड्यूल की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद यह कार्रवाई हुई, जिसमें चार लोगों की मौत और 90 घायल हुए थे। सरकार ने वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था। बाद में उन्हें जोधपुर जेल में शिफ्ट कर दिया गया।

कोर्ट ने आज कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया और मामले को सोमवार को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया है। वांगचुक के समर्थक इसे राजनीतिक उत्पीड़न बता रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला मानती है।

यह मामला लद्दाख के मुद्दों और NSA जैसे सख्त कानूनों के दुरुपयोग पर बहस को फिर से गरमा रहा है। अगली सुनवाई में और दलीलें होने की उम्मीद है।

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