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ईगो हर्ट हुआ तो सौतेले पिता को दोस्त ने ही रच दी फंसाने की साजिश, 6 साल के बच्चे को मरा हुआ समझकर झाड़ियों में फेंका – जय हिन्द जनाब ईगो हर्ट हुआ तो सौतेले पिता को दोस्त ने ही रच दी फंसाने की साजिश, 6 साल के बच्चे को मरा हुआ समझकर झाड़ियों में फेंका – जय हिन्द जनाब

ईगो हर्ट हुआ तो सौतेले पिता को दोस्त ने ही रच दी फंसाने की साजिश, 6 साल के बच्चे को मरा हुआ समझकर झाड़ियों में फेंका

Kidnapping busted By Noida: एक कहावत है कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों ना हो लेकिन पुलिस के हाथों से नहीं बच सकता ऐसा ही एक बार फिर साबित हुआ है जहाँ नोएडा पुलिस ने एक व्यक्ति को उस वक्त गिरफ्तार किया जब उसने अपने ही दोस्त के 6 साल के बच्चे को मरा हुआ समझकर झाड़ियों में फेंक दिया ओर उसकी तलाश करवाने लगाएं सीसीटीवी फुटेज सामने आई और दूध का दूध पानी का पानी हो गया और बच्चा भी जिंदा मिल गया पता चला कि पिता ने ईगो हट की थी इसलिए उसने बच्चों को गला दबाकर मार डाला ये सोचकर उसने बच्चे को झाड़ियों में फेंक दिया था डीसीपी नोएडा रामबदन सिंह और एसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि थाना फेस 1 पुलिस द्वारा अपहरण करके हत्या का प्रयास करने वाले 01 अभियुक्त धीरज पुत्र स्व0 राजेन्द्र सिंह निवासी ग्राम सिकन्दरपुर थाना मेहंदिया जिला अरवल विहार उम्र लगभग 22 वर्ष को हरौला पार्क के पास से दिनांक 27.11.24 को गिरफ्तार किया गया है। अपहृत बालक को सकुशल बरामद किया गया। जिसके सम्बन्ध में थाना फेस 1 नोएडा मुकदमा दर्ज किया गया था।

पूछताछ के बाद उड़े पुलिस के होश
आरोपी से पूछताछ करने पर पता चला कि आज से करीब 2 महीने पहले शराब पीने के दौरान पैसो के लेन देन को लेकर विवाद होने तथा अंगद की पत्नी को गाली देने पर अंगद ने अभियुक्त की पिटाई करते हुए बेईज्जत कर अपने घर से भगा दिया था। तब से अभियुक्त धीरज के मन में अंगद से बदला लेने का भाव था। बीच अंगद अपने गांव से लौट कर वापस हरौला आया तो उसने आरोपी को बताया कि गांव में उसकी पत्नी के पूर्व पति प्रेम पुत्र जुगेश तांती जो अपहृत बालक का असली पिता है के परिजनों ने अपहृत बालक को अंगद से लेने की मांग रखी जिस पर अंगद ने मना किया तो अपहृत बालक के असली पिता व उसके परिजनों ने कहा कि अगर तुम हमें नहीं दोगे तो हम इसको कोर्ट से ले लेंगे। अंगद ने यह बात अभियुक्त को बताते हुए कहा था कि मैं अपने बच्चे को वापस नहीं दूंगा तो इस बात से अंगद व अंगद की पत्नी दोनों परेशान थे तो अभियुक्त धीरज ने सोचा कि यदि मैं अपहृत बालक को मार देता हूं तो अपहृत बालक के असली पिता प्रेम, अंगद व उसकी पत्नी पर मुकदमा लिखाएगा जिसमें अंगद जेल चला जाएगा और मेरा बदला पूरा हो जाएगा। अपनी सोच के मुताबिक दिनांक 17.11.2024 को मौका पाकर अंगद व उसकी पत्नी के काम पर चले जाने के बाद अभियुक्त ने अपहृत बालक को अकेला पाकर उसे खाने के कुरकुरे दिलाकर घूमाने के बहाने बहला फुसला कर उसे हरौला से नोएडा मोड़ व नोएडा मोड़ से आनंद विहार व आनंद विहार से जीटीबी होते हुए गगन सिनेमा से हिंडन एयरफोर्स गाजियाबाद से आगे नागगेट के पास झाड़ियों में ले गया तथा अभियुक्त ने गला दबाकर तथा एक हाथ से उसका मुंह दबाकर अपहृत बालक की हत्या कर मरा समझने के बाद वहीं छोड़कर चला आया। अभियुक्त जब वापस आया तब तक अंगद अपने बच्चे अपहृत बालक के खोने की सूचना पुलिस को दे चुका था और सभी लोग तलाश कर रहे थे। अभियुक्त भी बच्चे को तलाशने में शामिल हो गया और बच्चे की तलाश करता रहा।
माता पिता के साथ हमदर्द बनकर घूमता रहा आरोपी
आरोपी अंगद के साथ तीन-चार दिन अपना काम छोड़कर तलाश में लगा रहा फिर अभियुक्त को लगा की पुलिस में रिपोर्ट हुई है कहीं पुलिस सही जानकारी न कर ले तो अभियुक्त अंगद का साथ छोड़कर अपने काम के बहाने इधर-उधर छुप कर रहने लगा था। अभियुक्त के पकड़े जाने के बाद अभियुक्त धीरज के बताए स्थान के आस पास झाड़ियों में काफी तलाश की गई लेकिन वहां अपहृत बालक की कोई जानकारी नहीं मिली, परंतु धीरज बार-बार यही कहता रहा की मैंने अपहृत बालक को यहीं मारकर छोड़ दिया था। इसके बाद झाड़ियों से बाहर दूसरी तरफ सड़क के किनारे बने मकानों में जानकारी की गई तो कुछ लोगों ने बताया कि करीब 8- 9 दिन पहले सुबह के समय एक बालक उम्र करीब 6-7 वर्ष रोता हुआ मिला था जिसे साहिबाबाद थाने की पुलिस लेकर गई थी पुलिस बल द्वारा अभियुक्त धीरज के थाना साहिबाबाद पहुंचे जहां पर पुलिस के पास उपलब्ध फोटो को दिखाकर जानकारी की गई तो ज्ञात हुआ कि यह बालक को मिला था जिसने अपना नाम (अपहृत बालक) पुत्र अंगद बताया था लेकिन निवास स्थान नहीं बता पा रहा था आसपास दिखाने के बाद पता नहीं चल सका जिस पर उक्त अपहृत बालक को पुलिस द्वारा मेडिकल कराने के बाद सीडब्ल्यूसी गाजियाबाद में पेश कर घरौंदा बाल आश्रम गोविंदपुरम गाजियाबाद में दाखिल किया गया था।

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