सुरक्षित, सम्मानजनक और लैंगिक समावेशी कार्यस्थल बनाने की दिशा में अहम कदम: अंजिता चेप्याल

 

New Delhi news दिल्ली पुलिस की विशेष सेल एसपीयूडबल्यूएसी ने ‘स्वाभिमान- लैंगिक समावेशी कार्यस्थल पहल’ का औपचारिक उद्घाटन किया। यह पहल सुरक्षित, सम्मानजनक और लैंगिक रूप से संवेदनशील कार्यस्थल बनाने की दिशा में दिल्ली पुलिस की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (विजिलेंस और एसपीयूडबल्यूएसी) अजय चौधरी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधि और एसपीयूडबल्यूएसी के कर्मचारी शामिल हुए।

डीसीपी अंजिता चेप्याल ने सोमवार को बताया कि ‘स्वाभिमान’ का मुख्य विषय ‘पूरे दिल्ली में लैंगिक रूप से संवेदनशील पुलिस स्टेशन’ है। इसका लक्ष्य पुलिस कार्यस्थलों, खासकर पुलिस स्टेशनों और महिला-केंद्रित इकाइयों में समावेशिता, गरिमा और मासिक धर्म स्वच्छता सुविधाओं को मजबूत करना है। यह महिला कर्मियों व आगंतुकों के लिए सहायक वातावरण सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। कार्यक्रम में मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया।

दिल्ली और पब्लिक पुलिस का सांझा प्रयास

यह पहल दिल्ली पुलिस और पब्लिक पुलिस का संयुक्त प्रयास है, जिसका नेतृत्व भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश केजी बालकृष्णन कर रहे हैं। व्योमिनी सोशल फाउंडेशन के सहयोग से प्राची कौशिक के नेतृत्व में इसे अमल में लाया गया। यह साझेदारी संस्थागत समर्थन, कानूनी अंतर्दृष्टि व सामाजिक वकालत को जोड़ती है।

पुलिस स्टेशन में महिलाओं को मिलें सुविधाएं

अजय चौधरी ने कार्यस्थलों पर लैंगिक समावेशी बुनियादी ढांचे व संवेदीकरण के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें पुलिस प्रणाली में विश्वास, दक्षता व गरिमा बढ़ाती हैं। व्योमिनी सोशल एंटरप्राइज की संस्थापक प्राची कौशिक ने कहा कि हमारा लक्ष्य सिर्फ मशीनें लगाना नहीं, बल्कि मासिक धर्म स्वास्थ्य पर बातचीत को सामान्य बनाना है। पुलिस स्टेशन चुनौतीपूर्ण होते हैं, महिलाओं को सुरक्षित सुविधाएं मिलनी चाहिए। स्वाभिमान से पुलिस स्टेशनों को पीरियड फ्रेंडली बनाएंगे।

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