दिल्ली-गुरुग्राम-नोएडा की महंगी प्रॉपर्टी के बाद खरीदार छोटे एनसीआर शहरों की ओर, जेवर एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे ने मोड़ दिया बाजार

2026 में ग्रेटर नोएडा वेस्ट, जेवर, सोहना और द्वारका एक्सप्रेसवे बन रहे निवेशकों की पहली पसंद, विशेषज्ञ कहते हैं—5-10 साल में मिल सकती है मजबूत कॅपिटल ग्रोथ

दिल्ली, गुरुग्राम और केंद्रीय नोएडा में प्रॉपर्टी की कीमतों के आसमान छूने के बाद होम बायर्स और इन्वेस्टर्स अब एनसीआर के छोटे शहरों और उभरते इलाकों की ओर भाग रहे हैं। गुरुग्राम की प्रीमियम लोकेशन पर लग्जरी अपार्टमेंट की कीमत अब 2 करोड़ रुपये से शुरू होती है, जिससे मिडल-क्लास के लिए बड़े घर खरीदना मुश्किल हो गया है। इसी वजह से खरीदार ग्रेटर नोएडा वेस्ट, यमुना एक्सप्रेसवे, जेवर, सोहना, न्यू गुरुग्राम, एनएच-24 गाजियाबाद और भिवाड़ी जैसे इलाकों में निवेश कर रहे हैं ।

जेवर एयरपोर्ट ने पूर्वी एनसीआर में मचाया बूम

28 मार्च 2026 को उद्घाटित हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर ने पूरे पूर्वी एनसीआर के रियल एस्टेट मार्केट को गेम-चेंजर बना दिया है । विशेषज्ञों के अनुसार, एयरपोर्ट के शुरू होते ही जेवर और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में प्रॉपर्टी की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। आने वाले सालों में यहाँ मिड और प्रीमियम दोनों सेगमेंट के प्रोजेक्ट्स की मांग बढ़ने की संभावना है । अनुमान लगाया जा रहा है कि एयरपोर्ट उद्घाटन के बाद नोएडा में प्लॉट की कीमतें 28% और अपार्टमेंट की कीमतें 22% तक बढ़ सकती हैं ।

 एक्सप्रेसवे ने कनेक्टिविटी बनाई बेहतर

द्वारका एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ने छोटे इलाकों की कनेक्टिविटी को Singificantly बेहतर बना दिया है । द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास की आवासीय इकाइयों की कीमतें पिछले पांच साल में करीब दोगुनी होकर ₹18,668 प्रति वर्ग फुट हो गई हैं । एनएचईआई का लक्ष्य है कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का बाकी हिस्सा अप्रैल 2026 तक पूरा हो जाए ।

कम कीमत पर बड़े घर मिल रहे हैं आकर्षण का मुख्य केंद्र

एनसीआर के छोटे शहरों का सबसे बड़ा आकर्षण है—कम कीमत पर बड़े घर। ग्रेटर नॉएडा वेस्ट में एक खरीदार को वही पैसा गुरुग्राम में सिर्फ एक छोटे 2BHK के लिए देना पड़ता है, जबकि यहाँ उसी बजट में एक बड़ा 3BHK मिल जाता है । नोएडा एक्सपेंशन, यमुना एक्सप्रेसवे और न्यू गुरुग्राम जैसे इलाके उन खरीदारों के लिए बेहतर ऑप्शन बन रहे हैं जो सीमित बजट में बेहतर स्पेस और फ्यूचर ग्रोथ चाहते हैं ।

एनसीआर के छोटे शहरों में सबसे ज्यादा डिमांड?

| इलाका | मुख्य आकर्षण | खरीदार का प्रकार | ग्रोथ ड्राइवर |

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| ग्रेटर नोएडा वेस्ट | किफायती कीमतें, मेट्रो विस्तार, सड़क कनेक्टिविटी | पहली बार घर खरीदने वाले, IT प्रोफेशनल्स | इंटीग्रेटेड टाउनशिप, बड़ी हाउसिंग सप्लाई |

| यमुना एक्सप्रेसवे & जेवर | नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, इंडस्ट्रियल/लॉजिस्टिक्स विकास | लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स, प्लॉट खरीदार | एयरपोर्ट-आधारित फ्यूचर ग्रोथ  |

| एनएच-24 गाजियाबाद | दिल्ली-नोएडा कनेक्टिविटी, चौड़ी सड़कें, कम शुरुआती कीमतें | एंड-यूजर्स, फैमिली बायर्स | बड़े अपार्टमेंट, गेटेड कम्युनिटी  |

| सोहना & न्यू गुरुग्राम | सेंट्रल गुरुग्राम से कम कीमतें, नया इंफ्रास्ट्रक्चर | युवा प्रोफेशनल्स, अपग्रेडिंग फैमिली | लग्जरी व मिड-सेगमेंट हाउसिंग |

| द्वारका एक्सप्रेसवे | एयरपोर्ट कनेक्टिविटी, प्रीमियम प्रोजेक्ट्स | हाई-इनकम बायर्स, लॉन्ग-टर्म निवेशक | लग्जरी हाउसिंग, तेज प्राइस ग्रोथ  |

 इन्वेस्टर्स क्यों ले रहे हैं दिलचस्पी?

विशेषज्ञों के अनुसार, एनसीआर के उभरते इलाकों में निवेश के पीछे मुख्य कारण हैं, अभी प्रॉपर्टी कीमतें कम हैं, फ्यूचर ग्रोथ ज्यादा मानी जा रही है,  एक्सप्रेसवे, मेट्रो और एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट्स इन्वेस्टर्स को आकर्षित कर रहे हैं, रेंटल डिमांड बढ़ने की उम्मीद निवेश को मजबूत बना रही है,  कमर्शियल डेवलपमेंट बढ़ने से रिहायशी प्रॉपर्टी की वैल्यू बढ़ सकती है, बड़े टाउनशिप और इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट्स बायर्स व इन्वेस्टर्स दोनों को आकर्षित कर रहे हैं। 2026 में एनसीआर रियल एस्टेट मार्केट में 6-10% की प्राइस अप्रिसिएशन की उम्मीद है, खासकर प्रीमियम ज़ोन में । एनसीआर में सालाना 50,000-60,000 हाउसिंग यूनिट्स लॉन्च होती हैं, जिनकी कुल वैल्यू ₹1 लाख करोड़ से अधिक है ।

एंड-यूजर्स के लिए क्या हैं बेहतर विकल्प?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये इलाके खासकर परिवारों, पहली बार घर खरीदने वालों और बड़े घर की तलाश कर रहे प्रोफेशनल्स के लिए बेहतर हैं । यहाँ बेहतर अफोर्डेबिलिटी, बड़े अपार्टमेंट, मॉडर्न सुविधाएं, कम भीड़भाड़ और बेहतर लाइफस्टाइल मिल रहा है ।

विशेषज्ञों के सुझाव 

रॉबिन मंगला, प्रेसिडेंट, M3M India ने निवेशकों को कुछ महत्वपूर्ण सलाह दी, सिर्फ कम कीमत देखकर प्रॉपर्टी न खरीदें, भविष्य की कनेक्टिविटी भी देखें हमेशा RERA रजिस्ट्रेशन और बिल्डर का पुराना रिकॉर्ड जरूर जांचें, उभरते इलाकों में निवेश करते समय कम से कम 5-10 साल का नजरिया रखें, EMI हमेशा अपनी मासिक आय के सुरक्षित बजट में रखें, मेट्रो, एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट वाले क्षेत्रों में ग्रोथ की संभावना ज्यादा रहती है

 भविष्य की संभावनाएं

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, यमुना एक्सप्रेसवे, न्यू गुरुग्राम, सोहना और जेवर जैसे इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी, तेजी से विकसित होता इंफ्रास्ट्रक्चर और अपेक्षाकृत किफायती कीमतों पर बड़े और मॉडर्न घर मिल रहे हैं । ब्रांडेड रेजिडेंसेज़ की बढ़ती मौजूदगी भी हाई-नेटवर्थ बायर्स और प्रीमियम इन्वेस्टर्स को आकर्षित कर रही है ।आने वाले वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर, कमर्शियल डेवलपमेंट और ब्रांडेड हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के विस्तार के साथ इन क्षेत्रों में प्रॉपर्टी वैल्यू में मजबूत वृद्धि की संभावना है । हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि बेहतर रिटर्न पाने के लिए 5 से 10 साल तक की लॉन्ग-टर्म होल्डिंग की जरूरत पड़ सकती है ।

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