गाजियाबाद पुलिस चौकी धमाका: वसुंधरा चौकी में विस्फोट, डिलीवरी बॉय घायल; तहरीक-उल-मुजाहिदीन के दावे की ATS जांच

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र की वसुंधरा पुलिस चौकी में शुक्रवार रात करीब 9 बजे तेज विस्फोट हुआ। धमाके से चौकी की दो खिड़कियों के शीशे टूट गए, एसी क्षतिग्रस्त हो गए और दीवार में दरार आ गई। घटनास्थल के पास मौजूद एक युवक घायल हुआ, जिसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद यूपी एटीएस, फॉरेंसिक टीम और बम निरोधक दस्ते की टीमें जांच में जुट गई हैं।

क्या हुआ?

पुलिस के अनुसार, धमाका वसुंधरा पुलिस चौकी में शुक्रवार शाम करीब 9 बजे हुआ। विस्फोट की तीव्र आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाके से खिड़कियों के कांच बिखर गए, जबकि चौकी के भीतर रखे एसी क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के समय चौकी में एक सब-इंस्पेक्टर और सामान पहुंचाने आए एक डिलीवरी बॉय मौजूद थे। डिलीवरी बॉय को कांच के टुकड़े लगने से चोट आई। उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया; पुलिस के मुताबिक उसकी हालत खतरे से बाहर है।

जांच में कई पहलू

शुरुआती जांच में धमाके की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस यह तय करने में जुटी है कि विस्फोट एसी, चौकी में रखे पटाखों या किसी विस्फोटक सामग्री से हुआ या फिर इसके पीछे कोई जानबूझकर की गई साजिश थी। इंदिरापुरम के एसीपी सूर्यबली मौर्य ने कहा कि धमाके का सटीक कारण जांच के बाद ही सामने आएगा। सूचना मिलते ही गाजियाबाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम ने स्थल से नमूने लिए, जबकि बम निरोधक दस्ते को भी बुलाया गया। घटना की गंभीरता देखते हुए यूपी एटीएस और खुफिया एजेंसियों की टीमें भी जांच में शामिल हो गई हैं।

सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी का दावा

धमाके के बाद सोशल मीडिया पर ‘तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान’ नाम से एक संगठन ने विस्फोट की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। यह पोस्ट ‘गाजी 2’ नाम के एक एक्स अकाउंट से साझा किए जाने की बात कही जा रही है। पोस्ट में पुलिस को निशाना बनाने और चौकी को उड़ाने की धमकी देने का भी आरोप है। हालांकि, पुलिस ने अभी इस पोस्ट की प्रामाणिकता या जिम्मेदारी लेने के दावे की पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि पोस्ट किसने किया, उसका असली स्रोत क्या है और क्या यह दावा धमाके से सीधे जुड़ा है।

पुलिस का संयमित रुख

डीसीपी ट्रांस-हिंदन ऋजुल कुमार ने बताया कि धमाके की सूचना मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है और जांच के बाद ही निष्कर्ष साझा किए जाएंगे। पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रहे दावों को अभी पुष्ट नहीं माना है और स्थलीय साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज तथा फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। घटना के समय चौकी में पुलिसकर्मियों की संख्या कम होने से बड़ी दुर्घटना टली। पुलिस ने इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी तेज कर दी है।

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