नोएडा। नोएडा के सेक्टर-62 स्थित नोएडा वन मॉल के बार ‘मॉल्ट एंड मिथ्स’ में कथित तौर पर अवैध शराब परोसने और ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां महंगे विदेशी ब्रांड की शराब के नाम पर ग्राहकों को दूसरे ब्रांड की शराब परोसे जाने का खुलासा हुआ है। आबकारी विभाग की टीम ने छापेमारी कर इस पूरे खेल का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान बार मैनेजर और तीन बार टेंडरों को गिरफ्तार किया गया है।
आबकारी विभाग को सूचना मिली थी कि बार में बाहर से अवैध रूप से शराब लाई जा रही है और उसे महंगे विदेशी ब्रांड की शराब बताकर ग्राहकों को परोसा जा रहा है। सूचना मिलने के बाद आबकारी इंस्पेक्टर अभिनव शाही के नेतृत्व में टीम ने बार में छापेमारी की। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने बार के कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
विदेशी शराब के नाम पर ग्राहकों को परोसी जा रही थी दूसरी शराब
आबकारी विभाग की टीम ने बार की तलाशी ली तो लोअर बेसमेंट-1 में बने एक कमरे से विदेशी शराब, वाइन और बीयर का स्टॉक बरामद हुआ। जांच में ब्लैक डॉग स्कॉच व्हिस्की की ऐसी बोतलें भी मिलीं, जिन पर हरियाणा और पंजाब में बिक्री होने की मुहर लगी हुई थी। इन बोतलों पर उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग का निर्धारित होलोग्राम मौजूद नहीं था।
इससे बार में दूसरे राज्यों से लाई गई शराब के इस्तेमाल और उसकी बिक्री को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए। आबकारी विभाग अब बरामद शराब के स्रोत और उसके इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों की जांच कर रहा है।
शिवाज रीगल और जॉनी वॉकर जैसे ब्रांड के नाम पर चल रहा था खेल
जांच में यह भी सामने आया कि ग्राहकों को शिवाज रीगल, जॉनी वॉकर और ग्लेनफिडिच जैसे महंगे विदेशी ब्रांड की शराब के नाम पर दूसरे ब्रांड की शराब भरकर बेचे जाने और परोसे जाने का आरोप है।
यानी ग्राहक महंगे विदेशी ब्रांड की शराब समझकर भुगतान कर रहे थे, जबकि उन्हें कथित तौर पर दूसरी शराब दी जा रही थी। इस तरह ग्राहकों के साथ आर्थिक धोखाधड़ी किए जाने का मामला भी सामने आया है। यदि जांच में यह आरोप साबित होते हैं तो यह न केवल आबकारी नियमों का उल्लंघन होगा, बल्कि ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी का गंभीर मामला भी बन सकता है।
आबकारी विभाग की कार्रवाई से बार संचालकों में हड़कंप
आबकारी विभाग की इस कार्रवाई के बाद नोएडा के बार और रेस्टोरेंट में शराब की खरीद-बिक्री को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विभाग की टीम अब इस बात की जांच कर रही है कि अवैध शराब कहां से लाई जाती थी, कितने समय से यह गतिविधि चल रही थी और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
बार मैनेजर समेत चार लोगों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि नोएडा जैसे हाईटेक शहर के एक बड़े मॉल में कथित तौर पर इस तरह का कारोबार कब से चल रहा था और इसकी भनक संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को पहले क्यों नहीं लगी? आबकारी विभाग की कार्रवाई ने एक बार फिर शहर के बार और पब में परोसी जा रही शराब की गुणवत्ता, ब्रांड और वैधता की जांच की जरूरत को सामने ला दिया है।

