नोएडा। उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय वैश्य संगठन ने वैश्य समाज को चुनाव में उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की मांग उठाई है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय अग्रवाल ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि विधानसभा चुनाव में वैश्य समाज के योग्य, शिक्षित और कर्मठ लोगों को टिकट देकर चुनाव लड़ने का अवसर दिया जाए। इस बार वैश्य समाज भाजपा से भी बगावत के मूड में दिख रहा है। उनका मानना है कि हमें जितना प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए उतना नही मिल रहा है। नोएडा विधानसभा सीट पर सभी की निगाहे टिकीं है। वैसे तो नोएडा से पकंज सिंह से रिकार्ड तोड़ मतों से जीत हासिल की। ऐसे में भाजपा का उच्च नेतृत्व सोच विचार कैसे कर सकता है।
विनय अग्रवाल ने कहा
विनय अग्रवाल ने कहा कि वैश्य समाज का राष्ट्र निर्माण में हमेशा से महत्वपूर्ण योगदान रहा है। व्यापार, उद्योग, रोजगार सृजन, शिक्षा, चिकित्सा और समाजसेवा के क्षेत्र में समाज के लोग लगातार अपनी भूमिका निभा रहे हैं। देश की आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था को मजबूती देने में वैश्य समाज का अहम योगदान है। इसके बावजूद राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मामले में समाज को उसकी क्षमता और योगदान के अनुरूप अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वैश्य समाज में ऐसे अनेक योग्य और शिक्षित लोग मौजूद हैं, जो राजनीति के माध्यम से जनता की सेवा करने की क्षमता रखते हैं। राजनीतिक दलों को टिकट वितरण के दौरान ऐसे लोगों को प्राथमिकता देनी चाहिए और समाज की भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
विनय अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि वैश्य समाज की यह मांग किसी दूसरे समाज या वर्ग के अधिकारों के खिलाफ नहीं है। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी वर्गों को उनकी भागीदारी के अनुरूप उचित प्रतिनिधित्व देने की भावना से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि समाज का योगदान केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नीति निर्माण और राजनीतिक निर्णयों में भी उसे उचित स्थान मिलना चाहिए।
सर्ववैश्य समाज को एक मंच पर लाने की पहल
अंतरराष्ट्रीय वैश्य संगठन की ओर से सर्ववैश्य समाज को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से विभिन्न घटकों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता की गई। इसमें अग्रवाल, जैन, खंडेलवाल, माहेश्वरी, पोरवाल, वार्ष्णेय, माथुर, चोसेनी, जायसवाल, केसरवानी, साहू, रोनियार, बरनवाल, महावरे, चौरसिया और महावर सहित विभिन्न वैश्य समाजों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
वार्ता में अग्रवाल वैश्य समाज से मूलचंद गुप्ता, भूपेंद्र मित्तल, नेत्रपाल अग्रवाल, बलराज गोयल, डॉ. विकास बंसल और जितेंद्र अग्रवाल शामिल हुए। जैन वैश्य समाज से डॉ. एसपी जैन, खंडेलवाल समाज से राकेश खंडेलवाल, माहेश्वरी समाज से जीसी माहेश्वरी, पोरवाल समाज से सुधीर पोरवाल, वार्ष्णेय समाज से मुकेश वार्ष्णेय, माथुर समाज से संजय गुप्ता, चोसेनी समाज से एएस गुप्ता, जायसवाल समाज से ललित जायसवाल, केसरवानी समाज से अमित केसरी, साहू समाज से कृष्णा साहू, रोनियार समाज से आईडी शाह, बरनवाल समाज से शैलेन्द्र बरनवाल, महावरे समाज से राकेश गुप्ता और चौरसिया समाज से दिनेश्वर चौरसिया उपस्थित रहे।
इसके अलावा महावर वैश्य समाज से दिनेश महावर, अखिल भारतीय अग्रवाल वैश्य मित्र मंडल से राधा कृष्ण गर्ग और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल से संजय जैन ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम में पूर्व विधायक विमला बाथम के साथ पवन गोयल, अमित पोरवाल, अर्पित गोयल, धर्मपाल गोयल, नारायण गुप्ता, मुनीश गर्ग, जितेंद्र अग्रवाल, विकास जैन, अजय गर्ग, गौरव सिंघल, विपिन अग्रवाल, मनोज गुप्ता और राम निवास गोयल सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। बैठक के माध्यम से वैश्य समाज ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। अब देखना होगा कि 2027 के चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दल वैश्य समाज की इस मांग को कितनी गंभीरता से लेते हैं और टिकट वितरण में समाज के योग्य चेहरों को कितना अवसर देते हैं।

