PHP की खामियों से दुनियाभर में इंटरनेट सेवाएं ठप

जापान ने शुक्रवार को ऐलान किया कि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से साइबरअटैक का सिम्युलेशन करने वाली एक टीम बनाएगा। यह कदम PHP प्रोग्रामिंग भाषा में पाई गई गंभीर सुरक्षा खामियों के बाद उठाया गया है, जिनसे दुनियाभर में इंटरनेट सेवाओं में बड़े पैमाने पर व्यवधान पैदा हुआ है। PHP वह भाषा है जिस पर दुनिया के लगभग 70 प्रतिशत वेबसाइट्स चलती हैं। 21 अक्टूबर को PHP डेवलपर्स ने दो क्रिटिकल वल्नरेबिलिटीज (CVE-2026-109618 और CVE-2026-109619) का खुलासा किया, जिन्हें ‘PHP2shell’ भी कहा जा रहा है। इन खामियों से हैकर्स बिना लॉगिन के रिमोट कोड एग्जिक्यूशन कर सिस्टम पर कब्जा कर सकते थे। फिक्स उसी दिन जारी किए गए और तुरंत अपडेट करने की अपील की गई। जापानी उद्योग मंत्री र्योसेई अकाजावा ने कहा, “हमलावर सिर्फ एक छेद से अंदर घुस सकता है… इसलिए हमें अपना नजरिया बदलकर हमलावर की सोच से सोचना होगा। डिफेंडर्स को भी AI का इस्तेमाल कर सक्रिय रहना होगा और एक कदम आगे रहना होगा।”

जापान में क्या-क्या प्रभावित हुआ?
– मोबाइल कैरियर **सॉफ्टबैंक** ने आपातकालीन अलर्ट सिस्टम (भूकंप, सुनामी और आपदा चेतावनी) को PHP वल्नरेबिलिटी ठीक करने के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया।
– ब्रोकरेज **नोमुरा**, बैंक **मित्सुबिशी UFJ फाइनेंशियल ग्रुप**, एयरलाइन **ANA** और **ईस्ट जापान रेलवे (JR East)** ने अपनी कुछ ऑनलाइन सेवाएं निलंबित कर दीं।
– स्वास्थ्य, वित्त और अन्य मंत्रालयों की कुछ वेबसाइट्स भी प्रिकॉशनरी मेंटेनेंस के लिए ऑफलाइन की गईं।
– प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने खुद अपनी वेबसाइट अस्थायी रूप से बंद की और सभी संगठनों से तुरंत पैच लगाने या सेवाएं बंद करने की अपील की। सरकारी प्रवक्ता मिनोरु किहारा ने गुरुवार को कहा कि अभी तक इन खामियों से कोई वास्तविक नुकसान की रिपोर्ट नहीं आई है। सभी कदम सिर्फ सावधानी के तौर पर उठाए गए हैं।

वैश्विक असर
टोक्यो से हेलसिंकी तक बैंकिंग, एयरलाइन, रेल, टैक्स और सरकारी सेवाओं में आपातकालीन शटडाउन हुए। यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और एशिया के कई देशों में भी वेबसाइट्स और सेवाएं प्रभावित हुईं। साइबरस्कैन फर्म सेंसिस के अनुसार लगभग 1.5 मिलियन PHP होस्ट्स अभी भी अनपैच्ड थे। यह घटना दशकों पुरानी वेब टेक्नोलॉजी की नाजुकता को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि AI की मदद से इन खामियों का पता चला था और अब डिफेंस में भी AI का इस्तेमाल अनिवार्य हो गया है। जापान की नई AI सिम्युलेशन टीम का मकसद सिस्टम की कमजोरियों को पहले से पहचानना और हमलावरों से एक कदम आगे रहना है। सरकार ने सभी संगठनों से अपील की है कि वे तुरंत पैच अप्लाई करें या प्रभावित सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद रखें।

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