बीजिंग/यिलान, एशिया में एक साथ दो बड़ी प्राकृतिक आपदाओं ने तबाही मचाई है। चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में गुरुवार रात आए शक्तिशाली भूकंप से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि घायलों की संख्या बढ़कर 65 हो गई है। वहीं ताइवान में कमजोर हो रहे लेकिन अभी भी खतरनाक तूफान चंपी के कारण शुक्रवार को लगभग पूरा द्वीप बंद कर दिया गया और सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दी गईं।
तिब्बत भूकंप: सबसे बड़ा झटका जनवरी 2024 के बाद
तिब्बत के उत्तरी हिस्से में नाग्चू शहर के आसपास गुरुवार रात करीब 10:33 बजे (स्थानीय समय) 7 तीव्रता का भूकंप आया। केंद्र उच्च ऊंचाई वाले कम आबादी वाले इलाके में था, जहां समुद्र तल से औसत ऊंचाई करीब 4,864 मीटर है। चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र के अनुसार यह जनवरी 2024 के बाद चीन में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप है। स्थानीय सरकार ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर बताया कि मौतों का आंकड़ा 16 पर स्थिर है, लेकिन घायलों की संख्या 65 पहुंच गई है। शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार 12,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। नाग्चू पुलिस विभाग ने 300 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को राहत और बचाव कार्य के लिए भेजा। चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र ने 413 आफ्टरशॉक्स दर्ज किए हैं। वीडियो फुटेज में लोग घरों से बाहर सड़कों और कारों में शरण लेते दिख रहे हैं। एक निवासी ने बताया कि तेज झटके से घर चरमरा रहा था। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ऊंचाई वाले ठंडे इलाके में हुई “महत्वपूर्ण हानि” का जिक्र करते हुए पूरी ताकत से बचाव अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
ताइवान: तूफान चंपी के आगे लगभग बंद
ताइवान में शुक्रवार को लगभग पूरा देश बंद रहा। तूफान चंपी, जो पहले सुपर टाइफून बन चुका था और प्रशांत क्षेत्र के इस साल के सबसे शक्तिशाली तूफानों में से एक था, कमजोर पड़ रहा है लेकिन अभी भी केंद्र के पास करीब 191 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चल रही हैं। यह ताइवान के दक्षिणी सिरे से करीब 320 किलोमीटर पूर्व में था। परिवहन मंत्रालय के अनुसार शुक्रवार को सभी 262 घरेलू उड़ानें और 669 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं। कई रिपोर्टों में कुल रद्द उड़ानों का आंकड़ा 900-977 के आसपास बताया गया है। वित्तीय बाजार भी बंद रहे। केवल किनमेन द्वीप समूह में स्कूल और दफ्तर सामान्य रूप से खुले। ताइवान में एक व्यक्ति की मौत हो गई (लहरों में बहकर), 94 लोग घायल हुए और करीब 1,300 लोगों को पहाड़ी इलाकों से निकाला गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमानकर्ता लियू पेई-तेंग ने कहा कि अगर तूफान रुकता, घूमता या डगमगाता है तो लैंडफॉल की संभावना बनी रहती है। तूफान का विंड रेडियस काफी बड़ा है, इसलिए असर लंबे समय तक रह सकता है। दोनों घटनाएं एशिया में प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती चुनौती को रेखांकित करती हैं। तिब्बत में बचाव कार्य जारी है, जबकि ताइवान में तूफान के आगे बढ़ने और संभावित लैंडफॉल पर नजर रखी जा रही है। अधिकारी लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील कर रहे हैं।
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