जापान में बिहार के पैरा तैराकी खिलाड़ी पर यौन उत्पीड़न का आरोप, आजीवन प्रतिबंध पर विचार

नई दिल्ली/नागोया। जापान के नागोया में चल रहे 5वें एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख विवादों में घिर गए हैं। बिहार के मधुबनी जिले के रहने वाले 40 वर्षीय शम्स पर होटल की एक महिला कर्मचारी के साथ छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है। जापानी पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। घटना के अगले दिन मंगलवार को उन्हें नागोया से भारत वापस भेज दिया गया। भारतीय पैरालंपिक समिति (PCI) अब उन पर आजीवन प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है। यह पूरी जानकारी PCI के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से सामने आई है। अधिकारी ने कथित व्यवहार को “निंदनीय और अस्वीकार्य” बताया। उनके मुताबिक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी के ऐसे आचरण को किसी भी हाल में सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि इससे पूरे भारतीय दल को शर्मिंदगी झेलनी पड़ी है।

क्या है पूरा मामला?

अधिकारी के अनुसार घटना फोर पॉइंट्स बाय शेरेटन होटल में हुई, जहां भारतीय पैरा तैराकी टीम ठहरी थी। आरोप है कि होटल की एक महिला कर्मचारी हाउसकीपिंग के काम से शम्स के कमरे में गई थीं। इस दौरान खिलाड़ी ने कथित तौर पर उन्हें अनुचित तरीके से छुआ, अश्लील इशारे किए और जबरदस्ती करने की कोशिश की। महिला कर्मचारी ने कमरे से बाहर आकर अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद स्थानीय आयोजन समिति (LOC) ने भारतीय दल के प्रमुख यानी चीफ डी मिशन (CDM) के कार्यालय को सूचित किया। स्थानीय पुलिस ने भी भारतीय खिलाड़ी को हिरासत में लेने की जानकारी दी।

थाने में बीते कई घंटे, लिखित माफी के बाद छोड़ा गया

PCI अधिकारी के मुताबिक जब भारतीय दल के अधिकारी होटल पहुंचे, तब वहां पुलिस और होटल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। पुलिस शम्स को थाने ले गई। अधिकारी का दावा है कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाना चाहती थी। बाद में आयोजन समिति ने हस्तक्षेप किया और भारतीय दल से कुछ बातें कहीं:

महिला कर्मचारी और होटल प्रबंधन को लिखित माफी दी जाए।

खिलाड़ी को जल्द से जल्द जापान से वापस भेजा जाए।

लिखित माफी सौंपे जाने के बाद खिलाड़ी को छोड़ दिया गया। उन्हें रात में दूसरे होटल में ठहराया गया और मंगलवार को नागोया से पहली फ्लाइट से भारत भेज दिया गया। अधिकारी ने यह भी दावा किया कि जापानी पुलिस की औपचारिक शिकायत में यौन अपराध से जुड़े आरोप दर्ज थे। अधिकारी के अनुसार इस घटना के कारण भारतीय दल के वरिष्ठ अधिकारियों को खेल से जुड़े काम छोड़कर कई घंटे थाने और होटल में बिताने पड़े। जब वे दोबारा होटल पहुंचे, तो महिला कर्मचारी सदमे में दिख रही थीं। होटल प्रबंधन और आयोजन समिति ने यह भी पूछा कि खिलाड़ी के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी। संतोषजनक कार्रवाई न होने पर वे औपचारिक कानूनी प्रक्रिया अपनाने पर विचार कर सकते हैं।

आजीवन प्रतिबंध की सिफारिश

PCI ने प्रस्तावित कार्रवाई की जानकारी केंद्र सरकार को दे दी है। CDM कार्यालय ने शम्स पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। एशियन पैरा गेम्स खत्म होने और भारतीय दल के लौटने के बाद दिल्ली में बैठक होगी। इसमें PCI पदाधिकारी, पैरा तैराकी से जुड़े प्रशासक और दल के सदस्य शामिल होंगे। इसके बाद खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) को कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश भेजी जा सकती है। आजीवन प्रतिबंध पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।

ध्यान दें: अब तक की सारी जानकारी PCI अधिकारी के बयान पर आधारित है। खिलाड़ी का पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है।

कौन हैं शम्स आलम शेख?

शम्स आलम का जन्म 17 जुलाई 1986 को बिहार के मधुबनी जिले के रथौस गांव में हुआ था। वे आगे चलकर मुंबई में रहे और बाद में गुरुग्राम में भी रहे। वे कराटे के ब्लैक बेल्ट और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रहे। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग और फिर एमबीए किया। 2010 में रीढ़ की हड्डी के ट्यूमर की सर्जरी के बाद उनके शरीर का निचला हिस्सा पैरालाइज्ड हो गया। इसके बाद उन्होंने तैराकी को अपनाया। उन्होंने 2018 जकार्ता एशियन पैरा गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया और वे बिहार के पहले पैरा तैराक बने जो पैरा एशियन गेम्स तक पहुंचे। उन्होंने 2022 हांगझू (आयोजन 2023) में भी भाग लिया। उन्होंने पटना में गंगा नदी में 13 किलोमीटर तैरकर पैराप्लेजिया श्रेणी में खुले पानी की सबसे लंबी तैराकी का विश्व रिकॉर्ड भी बनाया। इस बार नागोया में उतरकर वे तीन एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा लेने वाले देश के पहले पैरा तैराक बनने वाले थे। इसी साल स्वीडन की एक चैंपियनशिप में उन्होंने 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक (SB4) में कांस्य पदक जीता था और वे IPC रैंकिंग में चौथे स्थान पर पहुंचे थे।

एशियन पैरा गेम्स 2026: भारत की ताज़ा स्थिति

एशियन पैरा गेम्स 2026 जापान के आइची-नागोया में 18 से 24 अक्टूबर तक चल रहे हैं। भारत ने इस बार 11 खेलों में 168 खिलाड़ियों का दल उतारा है, जिसमें 112 पुरुष और 56 महिलाएं हैं। प्रमोद भगत और सिमरन शर्मा उद्घाटन समारोह में भारत के ध्वजवाहक थे। पदक तालिका की ताज़ा रिपोर्ट्स में थोड़ा अंतर है, क्योंकि आंकड़े लगातार बदल रहे हैं। गुरुवार, 22 अक्टूबर को चौथे दिन की रिपोर्ट के अनुसार भारत 64 पदकों (15 स्वर्ण, 22 रजत और 27 कांस्य) के साथ शीर्ष पांच में पहुंच गया। एक अन्य लाइव अपडेट में भारत के 71 पदक (16 स्वर्ण, 22 रजत और 33 कांस्य) बताए गए हैं और वह पांचवें स्थान पर है। उसी रिपोर्ट के मुताबिक चीन 257 पदकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है।

गुरुवार को सुवर्णा राज ने महिला चक्का फेंक F54 में स्वर्ण जीता और स्वाति चौधरी ने तीरंदाजी की महिला W1 श्रेणी में रजत पदक हासिल किया। निशानेबाजी में भी भारत को सफलता मिली है। मोना अग्रवाल ने स्वर्ण जीता और अवनि लेखरा ने रजत जीता। तैराकी, जूडो और पावरलिफ्टिंग में भी भारत ने पदक जोड़े हैं। भारत का लक्ष्य इस बार करीब 100 पदक जीतने का है। हांगझू में भारत ने रिकॉर्ड 108 पदक (27 स्वर्ण, 32 रजत, 49 कांस्य) जीते थे। पदक तालिका के आंकड़े लगातार अपडेट हो रहे हैं। अंतिम स्थिति के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें।

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