ग्रेटर नोएडा: रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र के नगला श्रीगोपाल (नगला पदम) गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों महेश (37), पत्नी ललिता (35) और तीन बच्चों लड्डू (11), मिष्टी (7) व साक्षात (3) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। शव शनिवार सुबह घर में मिले, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।
क्या है पूरा मामला
परिजनों के अनुसार परिवार ने शुक्रवार रात नूडल्स खाए थे और सुबह पांचों के शव घर में मिले। पुलिस ने शुरुआत में इसे फूड पॉइजनिंग की संभावना बताया था, लेकिन मौत का सटीक कारण पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट से तय होगा। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह ने मौके के निरीक्षण के बाद कहा कि प्रारंभिक रूप से यह ‘पॉइजनिंग’ का मामला लग रहा है और साधारण फूड पॉइजनिंग नहीं प्रतीत होता। हालांकि, यह अभी निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
जमीन, मुआवजा और मकान का विवाद
मृतका ललिता के मायके पक्ष और महेश की भाभी नीरजा का आरोप है कि परिवार में करीब 10 बीघा जमीन, अधिग्रहण मुआवजा और मकान को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। आरोप है कि करीब छह माह पहले महेश की मां ने जमीन अपनी बेटी और दामाद के नाम कर दी थी। परिजनों का कहना है कि 2015-16 में मिले जमीन अधिग्रहण के मुआवजे का लाभ भी बेटियों को मिला, जिससे महेश और उसके परिवार को नुकसान हुआ। इसके अलावा महेश के परिवार के रह रहे मकान का हक भी विवाद का हिस्सा बताया जा रहा है।
भाभी और मायके पक्ष के आरोप
महेश की भाभी नीरजा ने सास चंद्रावती, ननदों और ननदोई पर साजिश के तहत महेश, ललिता और तीनों बच्चों को जहरीला पदार्थ खिलाने का आरोप लगाया है। ललिता की बहन पूजा ने भी कहा कि यह फूड पॉइजनिंग नहीं, बल्कि संपत्ति विवाद में हत्या का मामला है। इन आरोपों को अभी पुलिस ने स्थापित नहीं माना है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम, विष-विज्ञान रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही मौत का कारण तथा किसी आपराधिक कृत्य की संभावना तय होगी।
FIR और जांच का दायरा
मामले में ललिता के भाई की शिकायत पर दो बहनों और ननदोई समेत तीन लोगों के खिलाफ प्रताड़ना संबंधी आरोपों पर FIR दर्ज की गई है। पुलिस जांच के तीन पहलुओं दुर्घटना या फूड पॉइजनिंग, हत्या और आत्महत्या को समानांतर रूप से जांच रही है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और परिवार के संबंधित सदस्यों से पूछताछ जारी रखी है। संपत्ति के दस्तावेज, मुआवजे का बंटवारा और घर के स्वामित्व से जुड़े विवाद भी जांच का हिस्सा बन सकते हैं।
अभी क्या स्थापित नहीं है
मौत का सटीक कारण जहर, फूड पॉइजनिंग या कोई अन्य कारण पोस्टमॉर्टम व फॉरेंसिक रिपोर्ट से ही स्थापित होगा। सास, ननदों और ननदोई की संलिप्तता के आरोप अभी परिजनों के दावे हैं; पुलिस ने इन्हें प्रमाणित नहीं किया है। आत्महत्या की संभावना भी जांच के दायरे में है, क्योंकि रिपोर्ट्स के अनुसार संपत्ति का बड़ा हिस्सा महेश की बहनों के नाम था।
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