नोएडा के ग्राम-गिझौड़ में अर्जित भूमि पर अवैध निर्माण का मामला आया सामने: भू-माफिया गिरोह पर अधिकारियों की मिलीभगत से चार मंजिला इमारत बनाने का आरोप

नोएडा: नोएडा के सैक्टर-53 स्थित ग्राम-गिझौड़ में नोएडा विकास प्राधिकरण की अर्जित एवं कब्जा प्राप्त भूमि (खसरा संख्या-180 से 185) पर भू-माफिया गिरोह द्वारा पुनः अवैध कब्जा व चार मंजिला इमारत का निर्माण किए जाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में आतंकवाद विरोधी मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी और स्थानीय निवासी राजेंद्र पंडित द्वारा नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सी.ई.ओ.) को एक विस्तृत शिकायत पत्र प्रस्तुत कर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

प्राधिकरण व पुलिस की मिलीभगत का आरोप

शिकायतकर्ता राजेंद्र पंडित के अनुसार, थाना सैक्टर-24 के घोषित भू-माफिया एवं हिस्ट्रीशीटर अपने गिरोह के साथ मिलकर इस भूखंड पर अवैध निर्माण करवा रहा है। आरोप है कि वर्क सर्किल-5 के अधिकारियों से लेकर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सी.ई.ओ.) के व्हाट्सएप मोबाइल नंबरों पर लगातार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद भू-माफियाओं ने चार मंजिला इमारत खड़ी कर ली है और निर्माण कार्य अभी भी तेजी से जारी है।

शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि पूर्व में भी इसी प्रकार की शिकायत दर्ज कराने पर शिकायतकर्ता को झूठे मुकदमों में फंसाया गया था, जो जांच के उपरांत पूरी तरह झूठे पाए गए और पुलिस द्वारा एफ.आर. (Final Report) दाखिल की गई। आरोप है कि स्थानीय लेखपाल, वर्क सर्किल-5 के अधिकारी और थाना सैक्टर-24 पुलिस की मिलीभगत के कारण ही भू-माफिया निडर होकर सरकारी व प्राधिकरण की जमीन पर अवैध निर्माण कर रहे हैं।

पूर्व में हुई ध्वस्तीकरण कार्रवाई को दरकिनार कर तोड़ी तारफेंसिंग

पत्र में उल्लेख किया गया है कि पूर्व में शिकायत किए जाने के बाद प्राधिकरण के लेखपाल और कानूनगो की मौजूदगी में अवैध निर्माण को ध्वस्त कर भूमि की तारफेंसिंग की गई थी और नोएडा प्राधिकरण का आधिकारिक बोर्ड लगाया गया था। हालांकि, भू-माफिया गिरोह ने बाद में तारफेंसिंग को तोड़ दिया और प्राधिकरण के बोर्ड को उखाड़ फेंकते हुए दोबारा अवैध अतिक्रमण शुरू कर दिया। इस संबंध में थाना सैक्टर-24 में प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई गई थी।

 

प्रमुख मांगें एवं शासन स्तर पर जांच की अपील

शिकायतकर्ता ने सी.ई.ओ. नोएडा प्राधिकरण से निम्नलिखित प्रभावी आदेश जारी करने का करबद्ध अनुरोध किया है:

  • ध्वस्तीकरण व एफ.आई.आर.: चार मंजिला अवैध इमारत को तत्काल ध्वस्त कराया जाए, पूरे गिरोह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए और जिम्मेदार लेखपाल व सर्किल-5 के अधिकारियों पर एफ.आई.आर. दर्ज की जाए।
  • शासन स्तरीय जांच टीम: प्राधिकरण व पुलिस के साथ भू-माफियाओं के गठजोड़ का पर्दाफाश करने के लिए शासन स्तर पर एक स्वतंत्र जांच टीम का गठन किया जाए।
  • मूल स्थिति की बहाली: सैक्टर-53 के खसरा नं.-180 से 185 की भूमि पर आवासीय भूखंडों को नक्शे के हिसाब से पूर्ववत सुरक्षित रखा जाए।

शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि यदि उनके द्वारा लगाए गए आरोप झूठे साबित होते हैं, तो वे स्वयं के खिलाफ किसी भी कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं।

 

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