रियाद, सऊदी अरब की राजधानी रियाद में गुरुवार सुबह कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बड़ा विस्फोट भी हुआ। इससे हवाई अड्डे का संचालन कुछ समय के लिए ठप हो गया। यात्रियों को सामान छोड़कर बाहर निकलने को कहा गया। फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। धुएं के गुबार भी दिखे।
ये हमले यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए। उन्होंने गुरुवार को दावा किया कि उन्होंने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिससे हवाई यातायात बाधित हुआ। हूती प्रवक्ता याह्या सारी ने कहा कि मिसाइल ने अपना लक्ष्य सटीक रूप से मारा।
इससे पहले मंगलवार और बुधवार को भी हूतियों ने सऊदी अरब के दो प्रमुख हवाई अड्डों पर हमले किए थे। सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (GACA) के अनुसार, अभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (दक्षिण-पश्चिम) पर दो महिलाओं (मोरक्को और अल्जीरियाई राष्ट्रीयता) की मौत हुई तथा 28 लोग घायल हुए। रियाद के किंग खालिद हवाई अड्डे पर एक सूडानी नागरिक की मौत हुई और आठ लोग घायल हुए। कुल तीन मौतें और 36 घायल हुए। दोनों जगहों पर संपत्ति को नुकसान भी पहुंचा।
उड़ानों में भारी व्यवधान
रियाद हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन एक घंटे से ज्यादा समय तक निलंबित रहा। गुरुवार सुबह फ्लाइटराडार24 के आंकड़ों के मुताबिक 58 उड़ानें (लगभग 15 प्रतिशत) विलंबित और 11 उड़ानें (3 प्रतिशत) रद्द हुईं। औसत विलंब 45 मिनट का रहा। सऊदिया की काहिरा और दुबई जाने वाली उड़ानें, तुर्की एयरलाइंस की इस्तांबुल वाली उड़ान और यमनिया की एडन वाली उड़ान प्रभावित हुईं। अमेरिकी दूतावास ने यात्रियों को उड़ान रद्द होने और हवाई क्षेत्र बंद होने की चेतावनी दी है।
हूतियों ने अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों को सऊदी हवाई क्षेत्र से बचने की “अंतिम” चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि जब तक सऊदी की “आक्रामकता” जारी रहेगी, यह क्षेत्र असुरक्षित रहेगा। फिर भी खाड़ी की कई एयरलाइंस अभी भी सऊदी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल कर रही हैं।
सीरिया मदद पर विचार कर रहा है
इस बीच, सीरिया सऊदी अरब की मदद करने पर विचार कर रहा है। अमेरिकी और सीरियाई अधिकारियों के अनुसार, सीरिया रक्षात्मक सहायता (मिसाइल-ड्रोन हमलों से सुरक्षा) या आक्रामक भूमिका में सऊदी समर्थित यमनी बलों के साथ लड़ने के लिए सैनिक भेजने के विकल्पों पर चर्चा कर रहा है। सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरआ हाल ही में रियाद गए थे और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मिले थे।
सीरियाई राजनयिक ने कहा कि दमिश्क सऊदी अरब के साथ मजबूती से खड़ा है, लेकिन प्राथमिकता घरेलू पुनर्निर्माण है। कोई भी सैन्य सहयोग आधिकारिक चैनलों के जरिए ही होगा। तुर्की रक्षात्मक-तकनीकी सहायता भेज रहा है, जबकि पाकिस्तान ने सैन्य उपकरण भेजे हैं और सऊदी सीमाओं की रक्षा में सैनिक तैनात किए हैं।
यमन में लड़ाई तेज
यमन का गृहयुद्ध फिर से भड़क उठा है। हूतियों ने पिछले महीने लाल सागर तट और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास क्षेत्र पर कब्जा किया था। सऊदी समर्थित बलों ने इस सप्ताह जवाबी हमला शुरू किया है। हूतियों ने एडन हवाई अड्डे पर भी हमला किया, जहां रनवे के पास मिसाइल गिरी। सऊदी गठबंधन ने 80 से ज्यादा हूती ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, जुलाई से अब तक दो लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं।
ये हमले क्षेत्रीय तनाव बढ़ा रहे हैं। सऊदी अरब दुनिया का सबसे बड़ा तेल निर्यातक है और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण हो गया है। हूती हमलों से तेल कीमतों में भी उछाल देखा गया। सऊदी गठबंधन ने हूती हमलों को “आतंकवादी” करार दिया है और कहा है कि ये बिना सजा के नहीं रहेंगे। स्थिति तेजी से बदल रही है और स्वतंत्र रूप से सत्यापन मुश्किल है।
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