जंतर-मंतर पर SIR के खिलाफ प्रदर्शन तेज, AAP नेता सौरभ भारद्वाज हिरासत में; मुंबई में भी आज CEC के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली/मुंबई। चुनाव आयोग की ओर से चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर देश की राजनीति में विरोध तेज होता जा रहा है। शुक्रवार, 2 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनके साथ AAP विधायक संजीव झा और कई अन्य प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है।

जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल और RAF की तैनाती

जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी और नई दिल्ली इलाके में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए गए। पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों की तैनाती के साथ बैरिकेडिंग भी की गई।

प्रदर्शन का आह्वान AISA, SFI, DYFI समेत छात्र एवं नागरिक संगठनों की ओर से किया गया था। RJD सांसद मनोज झा और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने भी लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। आयोजकों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

सौरभ भारद्वाज ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की

जंतर-मंतर पहुंचने के बाद सौरभ भारद्वाज ने लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने पुलिस की मौजूदगी और आसपास के मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश-निकास बंद किए जाने पर भी सवाल उठाए। हिरासत में लिए जाने से पहले उन्होंने प्रदर्शन को संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से करने की बात कही।

AAP की ओर से SIR को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने के साथ अपात्र/डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाने की प्रक्रिया को व्यवस्थित करना है। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR-2026 के लिए मतदाता अपना नाम खोजने और संबंधित दस्तावेज जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध है।

दिल्ली के 11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने 11 स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट अगले आदेश तक बंद किए। हालांकि इन स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रखी गई। बंद किए गए स्टेशनों में जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, INA, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली शामिल हैं।

दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने लोगों से जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है। प्रदर्शन के मद्देनजर मध्य दिल्ली में यातायात को भी डायवर्ट किया गया है।

SIR को लेकर क्यों बढ़ रहा विवाद?

SIR यानी Special Intensive Revision के तहत मतदाता सूचियों की गहन समीक्षा की जा रही है। चुनाव आयोग के मुताबिक यह प्रक्रिया चुनावी सूची को अधिक सटीक बनाने से जुड़ी है। हालांकि विपक्षी दलों और कुछ नागरिक संगठनों ने इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने और मतदाताओं के अधिकारों पर असर पड़ने की आशंका जताई है। इन आरोपों को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ रहा है।

हाल में चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े कुछ प्रक्रियात्मक बदलावों की घोषणा भी की है। इनमें कुछ मामलों में मतदाताओं के लिए व्यक्तिगत सुनवाई की अनिवार्यता में बदलाव और दिल्ली समेत कुछ राज्यों में दावे-आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाना शामिल है। आयोग ने SIR से जुड़े फैसलों को सर्वसम्मति से लिया गया बताया है।

मुंबई में भी आज प्रदर्शन, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का Jail Bharo आंदोलन

दिल्ली के साथ-साथ मुंबई में भी शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन प्रस्तावित है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके की ओर से मुंबई के शिवाजी पार्क में शाम 4 बजे प्रदर्शन और ‘Jail Bharo Andolan’ का आह्वान किया गया है। संगठन की प्रमुख मांगों में CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और SIR से जुड़े मुद्दों पर बदलाव शामिल हैं। CJP ने अपने आंदोलन के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलावों को लेकर सवाल उठाए हैं। संगठन ने आगे देश के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन करने की बात भी कही है।

दिल्ली से मुंबई तक राजनीतिक हलचल

2 अक्टूबर को दिल्ली और मुंबई में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शनों के साथ SIR का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। एक तरफ विपक्षी दल और विभिन्न संगठन चुनाव आयोग से जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, वहीं चुनाव आयोग SIR को मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया बताते हुए अपनी कार्यप्रणाली का बचाव कर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट में भी हाल ही में CEC ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली और SIR से जुड़े एक मामले पर सुनवाई के लिए याचिका स्वीकार किए जाने की खबर सामने आई है। याचिका में आयोग के निर्णय लेने की प्रक्रिया और SIR की वैधता को चुनौती दी गई है।

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