नोएडा। नोएडा प्राधिकरण में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस विभाग की कार्रवाई का एक नया मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, सोमवार (28 सितंबर 2026) को विजिलेंस टीम ने प्राधिकरण के महाप्रबंधक (जीएम) आर.के./ए.के. अरोड़ा के निजी सहायक (पीए) बताए जा रहे रजनीश त्यागी और उनके साथ एक अन्य व्यक्ति को सेक्टर-6 से पूछताछ के लिए अपने साथ ले लिया। दोनों के पास लाखों रुपये की नकदी मिलने की भी प्रारंभिक सूचना है।
स्थानीय सूत्रों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, विजिलेंस विभाग की टीम ने सेक्टर-6 में कार्रवाई करते हुए रजनीश त्यागी और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया। उन्हें पूछताछ के लिए ले जाया गया। इस कार्रवाई के दौरान उनके पास से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने की बात कही जा रही है, हालांकि सटीक राशि और अन्य बरामदगी का आधिकारिक ब्योरा अभी सामने नहीं आया है।
यह घटना नोएडा प्राधिकरण में चल रही भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाइयों की कड़ी में आई है। प्राधिकरण में पहले भी कई अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति, बेनामी संपत्ति और अन्य अनियमितताओं की जांच विजिलेंस व अन्य एजेंसियों द्वारा की जाती रही है। महाप्रबंधक ए.के. अरोड़ा (अशोक कुमार अरोड़ा) प्राधिकरण में सिविल विभाग से जुड़े रहे हैं और पिछले कुछ समय में विभिन्न सेक्टरों के निरीक्षण तथा सफाई-व्यवस्था संबंधी कार्यों में सक्रिय रहे हैं।
विजिलेंस विभाग की इस कार्रवाई के पीछे की सटीक शिकायत या आरोप अभी स्पष्ट नहीं हैं। सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार संबंधी सूचना के आधार पर हुई। रजनीश त्यागी को प्राधिकरण के जीएम के पीए के रूप में बताया जा रहा है। उनके साथ उठाए गए दूसरे व्यक्ति की पहचान और भूमिका अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।
अभी तक नोएडा प्राधिकरण या विजिलेंस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले की आगे जांच जारी है। पूछताछ के दौरान क्या खुलासे होते हैं, नकदी का स्रोत क्या है और क्या कोई और नाम सामने आता है, यह स्पष्ट होने पर ही पूरी तस्वीर सामने आएगी।
नोएडा प्राधिकरण पिछले कुछ वर्षों में कई घोटालों और अनियमितताओं के आरोपों से घिरा रहा है। सुपरटेक ट्विन टावर्स प्रकरण, मुआवजा संबंधी मामले, भूमि आवंटन और अन्य मुद्दों पर जांच एजेंसियों की नजर रही है। ऐसे में विजिलेंस की यह नई कार्रवाई प्राधिकरण के अंदर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक और कदम मानी जा रही है। जांच के नतीजे आने तक रजनीश त्यागी और अन्य व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट नहीं हो पाई है। अधिकारी स्तर पर इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
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