साइबर ठगों का कहर जारी, जमीन और पार्ट टाइम जॉब के नाम पर लूट

नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में साइबर अपराधियों ने अलग-अलग हथकंडे अपनाकर चार लोगों से कुल करीब 95.69 लाख रुपए ठग लिए। किसी पीड़ित के बैंक खाते से बिना जानकारी रकम उड़ाई गई, तो किसी को जमीन खरीदने के नाम पर झांसा दिया गया। वहीं एक महिला को टेलीग्राम के जरिए पार्ट टाइम काम और निवेश पर मुनाफे का लालच देकर ठगा गया। पीड़ितों की शिकायत पर गुरुवार को साइबर थाने में चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

केस 1: बैंक खाते से गायब हुए 19 लाख रुपए

इलाहाबास गांव के रहने वाले सुनील ने पुलिस को बताया कि उनके बैंक खाते से बिना किसी जानकारी के 19 लाख रुपए निकालकर दूसरे खाते में भेज दिए गए। यह घटना 15 अक्टूबर 2025 की बताई गई है। रकम गायब होने का पता चलते ही सुनील ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।

केस 2: जमीन दिलाने के बहाने 55 लाख की ठगी

दूसरा मामला ग्रेटर नोएडा निवासी शशांक शेखर से जुड़ा है। उनके अनुसार आरोपियों ने जमीन खरीद-बिक्री से जुड़ा ऑनलाइन विज्ञापन देखकर उनसे संपर्क किया था और जमीन दिलाने का भरोसा दिलाया। शिकायत के मुताबिक 7 नवंबर 2024 से 22 जुलाई 2025 के बीच अलग-अलग किस्तों में उनसे 55 लाख रुपए वसूले गए, लेकिन न तो जमीन मिली और न ही पैसा वापस किया गया। साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में भी मुकदमा दर्ज कर लिया है।

केस 3: इंटरनेट बैंकिंग से 15 लाख की अनधिकृत निकासी

सेक्टर-142 निवासी प्रद्युम्न कुमार तोमर ने बताया कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने इंटरनेट बैंकिंग के जरिए उनके खाते से 15 लाख रुपए अवैध तरीके से निकाल लिए। यह घटना 14 नवंबर 2025 की है। पीड़ित ने पहले राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत की थी, जिसके बाद अब साइबर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।

केस 4: टेलीग्राम पर पार्ट टाइम जॉब का झांसा, 6.69 लाख ठगे

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की रहने वाली शर्मिष्ठा बनर्जी ने बताया कि अक्टूबर-नवंबर 2024 में कुछ अज्ञात लोगों ने टेलीग्राम के जरिए उनसे संपर्क किया और पार्ट टाइम ऑनलाइन काम व निवेश पर मुनाफे का लालच दिया। शुरुआत में भरोसा जीतने के बाद आरोपियों ने अलग-अलग बहानों से उनसे रकम जमा करवानी शुरू कर दी। पीड़िता ने आरोपियों के बताए खातों में करीब 6.69 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए, बाद में उन्हें ठगी का एहसास हुआ।

पुलिस जांच जारी

साइबर थाना पुलिस चारों मामलों में शामिल बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की डिटेल खंगाल रही है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।

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