हामिद अंसारी के बयान को CM Yogi ने बताया ‘दुर्भाग्यपूर्ण’, जानिए क्या कहा

नोएडा, ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में रविवार को आयोजित ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के हालिया बयान पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने इसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए कहा कि संवैधानिक पद पर रह चुके व्यक्ति को इस तरह का वक्तव्य नहीं देना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा, “भारत के उपराष्ट्रपति रहे हामिद अंसारी ने कल एक दुर्भाग्यपूर्ण वक्तव्य दिया था। हम लोगों को शोभा नहीं देता कि उसका खंडन करें। लेकिन उनके वक्तव्य से भारत की गलत छवि बनाने का प्रयास हो रहा है। भटके हुए लोग भारत की गलत छवि बना रहे हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बयानों से ‘एंटी-इंडिया’ सोच को बढ़ावा मिलता है और अर्धसत्य के जरिए देश को अपमानित करने की कोशिश की जा रही है।

हामिद अंसारी ने क्या कहा था?

पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी ने 18 सितंबर को नई दिल्ली के इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित तीसरे ए.जी. नूरानी मेमोरियल लेक्चर में दिवंगत संविधान विशेषज्ञ अब्दुल गफूर नूरानी की 2019 में प्रकाशित पुस्तक ‘द आरएसएस: अ मेनेस टू इंडिया’ का हवाला दिया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के एक पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि नेहरू के अनुसार भारत के लिए असली खतरा कम्युनिज्म नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता था। अंसारी ने नागरिक राष्ट्रवाद से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ओर बढ़ते रुझानों पर चिंता जताई और कहा कि ये रुझान आस्था के आधार पर नागरिकों में भेद पैदा करते हैं, असहिष्णुता बढ़ाते हैं तथा बेचैनी व असुरक्षा का माहौल बनाते हैं। इस बयान पर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और भाजपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। कुछ मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी अंसारी के बयान की निंदा की।

राहुल गांधी पर भी तंज

कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी मुख्यमंत्री ने निशाना साधा। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के युवराज ने भी कल अपने ‘झूठ की गूंज’ में जिस तरह का आचरण किया, वह नारी का अपमान है। कोई भी सज्जन व्यक्ति अगर किसी रास्ते पर जा रहा हो और रास्ता संकरा हो, तो वह किसी बुजुर्ग या महिला को पहले रास्ता देता है। यही हमारा संस्कार है। ये मार्ग से भटके हुए लोग हैं। समाज में भ्रम की स्थिति पैदा करके अराजकता करना इनका एकमात्र लक्ष्य हो गया है।”

सनातन, नारी शक्ति और युवा स्वाभिमान पर जोर

‘उत्कर्ष: नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ थीम पर आधारित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सनातन परंपरा और भारतीय संस्कृति की बात की। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा सनातन में बसती है। यहां विचारों का हमेशा स्वागत किया गया है। सनातन परंपरा ने दुनिया के अलग-अलग समुदायों को संकट के समय शरण दी है।

नारी शक्ति पर बोलते हुए योगी ने कहा कि प्राचीन काल से भारत में मातृशक्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उत्तर प्रदेश में तीन नई पीएसी महिला बटालियन का गठन किया जा रहा है। शिक्षा, अंतरिक्ष, चिकित्सा और पुलिस समेत हर क्षेत्र में बेटियों ने देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने युवाओं को मंच और अवसर देने की जरूरत पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘केशव संवाद’ और ‘प्रेरणा विचार’ पुस्तक का विमोचन भी किया। इससे पहले 19 सितंबर को 108 कुंडीय ‘नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ’ का आयोजन हुआ था, जिसमें करीब 1200 महिलाओं ने भाग लिया था। सीएम योगी दोपहर करीब साढ़े तीन बजे गौतमबुद्ध नगर पहुंचे। कार्यक्रम के बाद वे नोएडा में दिवंगत सत्यवती मिश्रा को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कलराज मिश्रा के निवास भी गए। इस दौरान उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो की तैयारियों की समीक्षा की संभावना भी जताई गई।
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