Delhi news पश्चिमी दिल्ली में साइबर पुलिस और स्पेशल स्टाफ ने संगठित साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मीनाक्षी गार्डन, अजय एन्क्लेव और कीर्ति नगर में एक साथ छापेमारी की। पुलिस ने कथित अवैध इंटरनेशनल कॉल सेंटरों से जुड़े 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें संचालक, मैनेजर, कथित बैंकर और टेली-कॉलर शामिल हैं।
*एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट कर्मचारी बनकर करते थे ठगी*
डीसीपी पश्चिम हर्षवर्धन वी. स्वामी, आईपीएस के निर्देशन में की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी अमेरिका, कनाडा और यूरोप के नागरिकों को एप्पल/आईओएस और माइक्रोसॉफ्ट की तकनीकी सहायता टीम का कर्मचारी बनकर कथित तौर पर ठगी का शिकार बनाते थे।
*27 लैपटॉप समेत बड़ी मात्रा में उपकरण बरामद*
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 27 लैपटॉप, 28 मोबाइल फोन, 11 राउटर, 36 हेडफोन, 25 एडॉप्टर और 79,200 रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा थार और ग्रैंड विटारा कारें भी जब्त की गईं। डिजिटल उपकरणों में गूगल वॉयस, एक्स-लाइट, आई-बीम, माइक्रोसिप और अल्ट्राव्यूअर जैसे एप्लीकेशन, विदेशी नंबरों की कॉल हिस्ट्री, भुगतान संबंधी स्क्रीनशॉट और व्हाट्सऐप चैट मिले।
*फर्जी पॉप-अप से शुरू होती थी ठगी*
जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी पॉप-अप और संदेशों के जरिए विदेशी नागरिकों को अनधिकृत खरीद, सदस्यता या सुरक्षा संबंधी समस्या का झांसा देते थे। इसके बाद टोल-फ्री नंबर के जरिए संपर्क कर खुद को तकनीकी सहायता कर्मचारी बताते और कथित समस्या दूर करने के नाम पर 149, 249 या 499 अमेरिकी डॉलर तक भुगतान मांगते थे।
*डिजिटल साक्ष्यों से खुलेगा नेटवर्क का पूरा राज*
पुलिस के अनुसार भुगतान के लिए एप्पल गिफ्ट कार्ड अथवा जेडेल जैसे माध्यमों का इस्तेमाल कराया जाता था। बरामद डिजिटल उपकरणों की जांच जारी है। पुलिस नेटवर्क की पूरी संरचना और प्रत्येक आरोपी की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
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