गोवा, तेहेलका के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल ने सोमवार को गोवा के मापुसा कोर्ट में सरेंडर कर दिया। 2013 के रेप केस में बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने उन्हें दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्होंने सरेंडर किया। सरेंडर के बाद उन्हें नॉर्थ गोवा के कोलवाले सेंट्रल जेल भेज दिया गया। अदालत परिसर से निकलते समय तेजपाल ने कहा, “हम एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। हमें विश्वास है कि सुप्रीम कोर्ट से हमें न्याय मिलेगा।” वे अपनी सजा और दोषसिद्धि के खिलाफ अपील में लड़ाई जारी रखने का इरादा रखते हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला नवंबर 2013 का है। तेहेलका के थिंकफेस्ट कार्यक्रम के दौरान गोवा के बांबोलीम स्थित एक होटल के लिफ्ट में तेजपाल पर अपनी जूनियर महिला सहयोगी के साथ यौन उत्पीड़न और रेप का आरोप लगा था। 30 नवंबर 2013 को उन्हें गिरफ्तार किया गया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दी। 2021 में गोवा के सेशंस कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया था। गोवा सरकार ने इस फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी। 6 अगस्त 2026 को हाई कोर्ट की गोवा बेंच (जस्टिस नीला गोखले और अमित जमसंदेकर) ने बरी करने के फैसले को पलटते हुए तेजपाल को दोषी ठहराया और 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। सजाएं एक साथ चलेंगी।
हाई कोर्ट ने शुरू में सरेंडर के लिए चार हफ्ते का समय दिया था। तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। 25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट (जस्टिस आलोक आराधे) ने उनकी सरेंडर से छूट की याचिका खारिज कर दी और दो-तीन हफ्तों के अंदर सरेंडर करने तथा सरेंडर सर्टिफिकेट पेश करने का निर्देश दिया। सर्टिफिकेट जमा होने पर उनकी अपील 22 सितंबर को सूचीबद्ध की जाएगी। तेजपाल ने मापुसा कोर्ट में अतिरिक्त समय की मांग की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने 14 सितंबर को सरेंडर किया। गोवा सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में अपील की है, जिसमें सजा को उम्रकैद तक बढ़ाने की मांग की गई है। सरकार ने दोषसिद्धि के निष्कर्षों को चुनौती नहीं दी है। तेजपाल पहले भी खुद को “राजनीतिक शिकार” बता चुके हैं और अपनी बेगुनाही का दावा करते रहे हैं। मामला अब सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

