नोएडा। साइबर अपराधियों ने एक बार फिर शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर बड़ी ठगी को अंजाम दिया है। सेक्टर-110 स्थित लोटस पनाश सोसाइटी निवासी ओमप्रकाश सैनी के साथ हुई इस घटना में ठगों ने सोशल मीडिया के जरिए संपर्क साधकर पीड़ित को फर्जी ट्रेडिंग ऐप से जोड़ा और जुलाई से 20 अगस्त तक कुल 50.42 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में जमा करा लिए।
घटनाक्रम: कैसे हुआ संपर्क और कैसे फंसाया गया
पीड़ित ओमप्रकाश सैनी के अनुसार, 2 जुलाई को उन्हें सोशल मीडिया पर ऑनलाइन शेयर बाजार में निवेश से जुड़ी जानकारी मिली, जिसमें एक लिंक भी था। लिंक खोलने के कुछ ही देर बाद साइबर ठगों ने उनसे संपर्क किया और निवेश के जरिए अच्छा मुनाफा कमाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद आरोपियों के कहने पर उन्होंने जुलाई से 20 अगस्त के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 50.42 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
इस दौरान फर्जी ऐप पर उनके निवेश की रकम लगातार बढ़ती दिखाई जाती रही, जिससे उन्हें अपने पैसे पर अच्छा रिटर्न मिलने का भरोसा बना रहा। लेकिन जब उन्होंने ऐप में दिख रही रकम निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने रकम रिलीज करने के लिए टैक्स जमा करने की बात कही और अतिरिक्त भुगतान करने को कहा। इसी समय ओमप्रकाश को समझ आया कि उनके साथ साइबर ठगी हुई है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू
पीड़ित ने गुरुवार रात साइबर थाने में शिकायत दी। डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल के मुताबिक, केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, आईपी एड्रेस, चैट रिकॉर्ड और लेनदेन की जांच कर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
नोएडा में बढ़ रहे इसी तरह के मामले
यह कोई अकेला मामला नहीं है। नोएडा में पिछले कुछ महीनों में साइबर ठगों ने शेयर बाजार, आईपीओ और क्रिप्टो निवेश के नाम पर कई लोगों को निशाना बनाया है।
•अगस्त 2026 में सेक्टर-78 के तीन लोगों से आईपीओ और शेयर बाजार में निवेश के नाम पर कुल 1.38 करोड़ रुपये ठगे गए।
•अगस्त 2026 में ही सेक्टर-49 के एक कारोबारी से व्हाट्सऐप पर संपर्क कर शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 1.13 करोड़ रुपये ठग लिए गए।
•जुलाई 2026 में महिला सहित दो लोगों से क्रिप्टो और विदेशी शेयर बाजार में निवेश के बहाने 44 लाख रुपये की ठगी हुई।
•सितंबर 2026 में आगरा में भी क्रिप्टो और शेयर बाजार में ऊंचे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले सामने आए।
ठगों का तरीका: एक जैसी कार्यप्रणाली
साइबर थाना पुलिस के अनुसार, इन सभी मामलों में साइबर अपराधियों ने लगभग एक जैसी कार्यप्रणाली अपनाई है।
1.सोशल मीडिया से संपर्क: ठग फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम या व्हाट्सऐप के माध्यम से संपर्क करते हैं।
2.ग्रुप में जोड़ना: पीड़ित को व्हाट्सऐप या टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर खुद को निवेश विशेषज्ञ बताया जाता है।
3.फर्जी ऐप/वेबसाइट: फर्जी ट्रेडिंग ऐप या वेबसाइट पर निवेश की राशि और मुनाफा दिखाया जाता है।
4 शुरुआती भरोसा: शुरुआत में थोड़ी रकम वापस कर भरोसा बनाया जाता है।
5.बड़ी रकम निवेश: जब पीड़ित बड़ी राशि निवेश कर देता है, तो निकासी के समय टैक्स, सर्विस चार्ज, सिक्योरिटी डिपॉजिट या वेरिफिकेशन फीस के नाम पर और पैसे मांगे जाते हैं।
6.संपर्क तोड़ना: अंत में निवेशक का पैसा फंस जाता है और ठग संपर्क तोड़ देते हैं।
बचाव के उपाय: नागरिक क्या करें
साइबर एक्सपर्ट्स और पुलिस के अनुसार, नागरिकों को निम्नलिखित सावधानियाँ बरतनी चाहिए:
सोशल मीडिया या व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए मिलने वाली निवेश सलाह पर भरोसा न करें। किसी भी ट्रेडिंग ऐप या निवेश प्लेटफॉर्म की वैधता सेबी (SEBI) और संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जांच लें। अधिक मुनाफे या निश्चित रिटर्न के दावों से सतर्क रहें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर निजी बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर न करें। निवेश से पहले कंपनी और उसके अधिकृत प्रतिनिधियों की पुष्टि अवश्य करें। धोखाधड़ी का शिकार होने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराएं।
संबंधित मामला: पीएफ खाते से भी 50 हजार रुपये ठगे
इसी बीच, सूरजपुर क्षेत्र में मलकपुर गांव निवासी सुब्रत मंडल के बैंक खाते से साइबर ठगों ने 50 हजार रुपये निकाल लिए। सुब्रत ने पुलिस को बताया कि उन्होंने 25 मई 2025 को पीएफ की रकम निकालने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था और 3 जून को पीएफ की रकम उनके बैंक खाते में पहुंची। उसी रात अज्ञात बदमाशों ने ऑनलाइन माध्यम से उनके खाते से 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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