दिल्ली हादसे के बाद नोएडा प्राधिकरण सख्त

नोएडा। दिल्ली में हुए इमारत हादसे के बाद नोएडा प्राधिकरण हरकत में आ गया है। प्राधिकरण ने शहर के गांवों में जर्जर और असुरक्षित भवनों की पहचान कर उनके खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। सर्वे के दौरान जो भी इमारतें खतरनाक पाई जा रही हैं, उन पर तत्काल नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं। मकान मालिकों और वहां रहने वाले लोगों को भवन खाली करने के लिए एक से दो सप्ताह का समय दिया जा रहा है। प्राधिकरण ने साफ चेतावनी दी है कि यदि तय समय में भवन खाली नहीं किया गया और इस दौरान कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी। ACEO वंदना त्रिपाठी के अनुसार, नोटिस लगाए गए सभी भवनों को खाली कराया जाएगा। एहतियात के तौर पर नोटिस की एक प्रति संबंधित थाने को भी भेजी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर पुलिस बल की मदद से भवन खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके।

सदरपुर से ममूरा तक चल रहा सर्वे

नोएडा प्राधिकरण का पूरा क्षेत्र 10 वर्क सर्किल में विभाजित है, जिनके तहत कुल 81 गांव आते हैं। सभी सर्किल अधिकारियों को अपने-अपने इलाके में जर्जर भवनों को चिह्नित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में सदरपुर, निठारी, ममूरा, सलारपुर और भंगेल जैसे घनी आबादी वाले गांवों में सर्वे कार्य चल रहा है। अकेले ममूरा गांव में अब तक 9 भवनों को जर्जर घोषित कर नोटिस दिया जा चुका है, जबकि इनमें अभी भी लोग रह रहे हैं। नोटिस में इन भवनों को तुरंत खाली करने का निर्देश दिया गया है।

पहले भी हो चुका है सर्वे, लेकिन कार्रवाई अधूरी रही

गौरतलब है कि 2019 से पहले भी प्राधिकरण जर्जर भवनों का सर्वे करा चुका है, जिसमें करीब 1757 इमारतों को असुरक्षित पाया गया था। उस समय इनके मालिकों को नोटिस तो जारी हुए, लेकिन आगे कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इस बार प्राधिकरण का रुख अलग बताया जा रहा है — अधिकारियों के अनुसार, इस दफा सिर्फ नोटिस जारी करने तक सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि खतरनाक पाए गए भवनों को जबरन खाली भी कराया जाएगा।

सेक्टर-31 के 128 EWS फ्लैट भी खतरे की जद में

गांवों के अलावा शहरी क्षेत्रों में भी असुरक्षित भवनों को चिह्नित किया जा रहा है। सेक्टर-31 स्थित 128 EWS फ्लैटों को जर्जर हालत के कारण पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके साथ ही निठारी सहित अन्य इलाकों में भी नए सिरे से सर्वे कर असुरक्षित मकानों की पहचान की जा रही है। प्राधिकरण के अनुसार, गांवों में सर्वे पूरा होने के बाद यह अभियान शहर के विभिन्न सेक्टरों तक भी बढ़ाया जाएगा। इस दौरान नक्शे के विपरीत बने भवनों की भी जांच होगी। कई इलाकों से शिकायतें मिली हैं कि स्वीकृत नक्शे से हटकर पांच मंजिल तक निर्माण कर लिया गया है। ऐसे अवैध निर्माणों के खिलाफ धारा-10 के तहत नोटिस जारी किए जाएंगे।

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