263 युवतियों को मिली नौकरी, 17 कंपनियों ने लिया हिस्सा

ग्रेटर नोएडा/बादलपुर। महिला सशक्तीकरण और युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन ने गुरुवार को जिले का पहला पिंक रोजगार मेला आयोजित किया। बादलपुर स्थित कुमारी मायावती राजकीय महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज में लगे इस मेले में 17 निजी कंपनियों ने हिस्सा लिया। साक्षात्कार और चयन प्रक्रिया के बाद 263 युवतियों को नौकरी के लिए चुना गया। कार्यक्रम के दौरान चयनित अभ्यर्थियों को मंच से नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए।

486 युवतियों ने कराया पंजीकरण

रोजगार मेले में शामिल होने के लिए कुल 486 युवतियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें 300 से अधिक अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया, जबकि 186 युवतियों ने ऑफलाइन पंजीकरण कराया। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, 350 से अधिक छात्राओं ने ऑनलाइन और 176 ने ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था। उपलब्ध रिपोर्टों में ऑनलाइन पंजीकरण की संख्या में मामूली अंतर है, लेकिन कुल पंजीकरण 486 ही बताया गया है। सुबह करीब 10:30 बजे शुरू हुआ रोजगार मेला शाम पांच बजे तक चला। अभ्यर्थियों ने पहले पंजीकरण कराया, जिसके बाद अलग-अलग कंपनियों के प्रतिनिधियों ने उनकी शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी दक्षता और कार्यक्षमता के आधार पर साक्षात्कार लिए। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 263 युवतियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए।

17 कंपनियों ने लिया भाग

मेले में स्थानीय और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी 17 कंपनियां पहुंचीं। जिला सेवायोजन अधिकारी मनीषा अत्री ने बताया कि आयोजन के लिए 21 कंपनियों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन 17 कंपनियां ही मेले में शामिल हुईं। कंपनियों ने विभिन्न पदों के लिए अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया और मौके पर ही योग्य उम्मीदवारों का चयन किया। इस पहल का उद्देश्य युवतियों को उनके घर और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें नौकरी की तलाश में दूर-दराज के शहरों का रुख न करना पड़े। रोजगार मेले में बड़ी संख्या में छात्राओं और युवतियों की भागीदारी से आयोजन स्थल पर पूरे दिन उत्साह का माहौल रहा।

विधायक और जिलाधिकारी ने बांटे नियुक्ति पत्र

कार्यक्रम का शुभारंभ दादरी विधायक तेजपाल नागर ने दीप प्रज्वलित कर किया। जिलाधिकारी मेधा रूपम, जिला सेवायोजन अधिकारी मनीषा अत्री और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। विधायक और जिलाधिकारी ने चयनित युवतियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद चयनित युवतियों के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास नजर आया। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से उन्हें एक ही स्थान पर कई कंपनियों से बातचीत और नौकरी पाने का अवसर मिलता है। इससे न केवल रोजगार हासिल करने में मदद मिलती है, बल्कि निजी क्षेत्र में करियर की शुरुआत का रास्ता भी खुलता है।

रोजगार संवर्धन के लिए समझौता

रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए जिला सेवायोजन कार्यालय और युवा शक्ति फाउंडेशन के बीच समझौते पर हस्ताक्षर भी किए गए। अधिकारियों के अनुसार, यह समझौता जिले की युवतियों और युवाओं को रोजगार, करियर मार्गदर्शन और कंपनियों से जोड़ने की दिशा में उपयोगी होगा। जिला प्रशासन का कहना है कि रोजगार मेलों के जरिए स्थानीय स्तर पर कंपनियों और नौकरी तलाश रहे अभ्यर्थियों के बीच सीधा संपर्क स्थापित किया जा रहा है। पिंक रोजगार मेला विशेष रूप से युवतियों को केंद्र में रखकर आयोजित किया गया, जिससे महिला रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल सके।

महिला रोजगार को बढ़ावा देने की पहल

अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे आयोजनों को आगे भी जारी रखने की योजना है। पिंक रोजगार मेले की सफलता से जिले में महिला केंद्रित रोजगार आयोजनों की संभावनाएं बढ़ी हैं। यदि कंपनियां चयनित अभ्यर्थियों को समय पर नियुक्ति देती हैं और प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराती हैं, तो यह पहल क्षेत्र की युवतियों के लिए रोजगार का स्थायी माध्यम बन सकती है।

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