ग्रेटर नोएडा/नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश की अवहेलना कर छात्र प्रदर्शनकारी को नोटिस भेजना ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट-III डॉ. रवि शंकर मिश्रा को भारी पड़ गया। सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की पीठ को इस प्रशासनिक कार्रवाई की औपचारिक जानकारी दी, जब उन्होंने बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए छात्रों को प्रेरित करने के आरोप में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के छात्र अक्षत त्रिपाठी को नोटिस देने वाले मजिस्ट्रेट को निलंबित कर दिया गया।
क्या है पूरा मामला
गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के छात्र अक्षत त्रिपाठी को ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट-III कार्यालय की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126/135 (पूर्व में सीआरपीसी की धारा 107/116) के तहत शांति भंग की आशंका के चलते नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उनसे 5 लाख रुपये का निजी मुचलका (पर्सनल बॉन्ड) भरने को कहा गया था। पुलिस का आरोप था कि 20 जुलाई को CJP के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में अक्षत ने अन्य छात्रों को भड़काकर शामिल किया, जिससे इलाके में तनाव की आशंका बनी। अक्षत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे केवल शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा बने थे। गौरतलब है कि अक्षत त्रिपाठी ने अपनी याचिका में यह तर्क दिया था कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर के उस आदेश के सीधे विपरीत है, जिसमें छात्र प्रदर्शनों से जुड़ी एफआईआर रद्द कर छात्रों के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई गई थी।
CJI सूर्यकांत की पीठ ने जताई कड़ी नाराजगी
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने मामला बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया। पीठ ने ग्रेटर नोएडा प्रशासन के रवैये पर तीखे सवाल उठाते हुए पूछा कि जब अदालत ने प्रदर्शन में शामिल किसी भी छात्र के खिलाफ दंडात्मक या जबरन कार्रवाई पर पहले ही रोक लगा रखी थी, तो एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने आदेश के विरुद्ध नोटिस जारी करने का साहस कैसे किया। CJI ने स्पष्ट किया कि कोई भी अधिकारी अदालत के आदेश से ऊपर नहीं है, और जिम्मेदार अधिकारियों को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी।
कौन हैं डॉ. रवि शंकर मिश्रा
डॉ. रवि शंकर मिश्रा PPS (प्रोविंशियल पुलिस सर्विस) 2018 बैच के अधिकारी हैं, जिनकी नियुक्ति 31 मई 2021 को हुई थी। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले डॉ. मिश्रा Ph.D डिग्रीधारी हैं और वर्तमान में पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर में ACP/एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (तृतीय) के पद पर तैनात थे।
विवाद बढ़ने पर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
मामला तूल पकड़ने के बाद प्रशासन ने पहले तो छात्र को जारी नोटिस वापस ले लिया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद डीजीपी स्तर से भी कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी को तत्काल निलंबित कर दिया गया। इस पूरे प्रकरण को छात्र संगठनों और कानूनी हलकों में न्यायपालिका की स्वतंत्रता और प्रशासनिक जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है।

