नोएडा। साइबर ठगों ने शहर के अलग-अलग इलाकों के छह लोगों को निशाना बनाकर कुल 43 लाख 4 हजार 98 रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली है। सोमवार को साइबर क्राइम थाने में छह अलग-अलग शिकायतों पर मामले दर्ज किए गए। सभी मामलों में आरोपियों के नाम अज्ञात दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने बैंक खातों, डिजिटल साक्ष्यों और लेन-देन की जांच शुरू कर दी है।
पीड़ितों से कितनी-कितनी रकम ठगी गई
सदरपुर निवासी दिलीप कुमार मिश्रा से 9 लाख 790 रुपये, ऐस सिटी निवासी आर्यन तोमर से 5 लाख 82 हजार 100 रुपये, नोएडा निवासी दिव्या से 7 लाख 50 हजार रुपये, नोएडा निवासी शिवम साहनी से 6 लाख 69 हजार रुपये, सेक्टर-39 निवासी मुकेश सिंह से 7 लाख 50 हजार 303 रुपये, सेक्टर-9 निवासी मोहित से 6 लाख 51 हजार 905 रुपये। ये आंकड़े साइबर क्राइम थाने में दर्ज शिकायतों पर आधारित हैं। पीड़ितों ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर भी शिकायत की थी।
कैसे काम कर रहे थे ठग?
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ज्यादातर मामलों में ठगों ने निवेश पर भारी मुनाफा देने का झांसा दिया। शुरुआत में पीड़ितों को छोटी रकम का मुनाफा दिखाकर या ट्रांसफर करके उनका भरोसा जीता गया। इसके बाद बड़ी रकम निवेश के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई। कुछ पीड़ितों के मोबाइल में ऐप या लिंक डाउनलोड कराए गए। इसके बाद उनके बैंक खातों से रकम दूसरे खातों में भेज दी गई। पुलिस को आशंका है कि ठगी की रकम म्यूल (mule) खातों में ट्रांसफर की गई है। इन खातों के जरिए रकम को आगे दूसरे खातों में भेजने की भी जांच चल रही है।
पुलिस की कार्रवाई
साइबर क्राइम पुलिस उन बैंक खातों की जांच कर रही है जिनमें ठगी की रकम पहुंची। डिजिटल साक्ष्यों और लेन-देन की जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि निवेश के नाम पर होने वाली ऐसी ठगी से लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। यह मामला 8-9 सितंबर 2026 के आसपास दर्ज हुआ। दैनिक भास्कर और अमर उजाला सहित स्थानीय समाचार माध्यमों ने इसकी रिपोर्टिंग की है। फिलहाल कोई गिरफ्तारी की खबर नहीं है। जांच जारी है।
लोगों के लिए सावधानी
अज्ञात स्रोतों से आने वाले निवेश या मुनाफे के ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी ऐप या लिंक को डाउनलोड करने से पहले पूरी जांच करें। छोटी रकम का मुनाफा दिखाने के बाद बड़ी रकम मांगने वाले मामलों में सतर्क रहें।
संदेह होने पर तुरंत 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें और अपने बैंक से संपर्क करें। नोएडा में निवेश संबंधी साइबर ठगी के मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं। पुलिस लगातार म्यूल अकाउंट्स और डिजिटल ट्रेल पर नजर रखे हुए है। इस मामले में आगे की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

