नोएडा (गौतमबुद्ध नगर)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का महापर्व 4 सितंबर 2026 को धूमधाम से मनाया गया। मंदिरों में भक्ति का माहौल, झांकियां, दही हांडी और भव्य सजावट देखने को मिली। लेकिन त्योहार खत्म होने के तीन दिन बाद भी नोएडा समेत कई शहरों में जन्माष्टमी महोत्सव के होर्डिंग, बैनर और विज्ञापन बोर्ड सड़कों, चौराहों, बिजली के खंभों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे हुए हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों का सवाल एक ही है—क्या प्रशासन इन्हें हादसा होने का इंतजार कर रहा है?
जन्माष्टमी से पहले नोएडा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। 200 से अधिक मंदिरों के आसपास ड्रोन निगरानी, 2500 पुलिसकर्मी और ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था रही। सेक्टर-33 इस्कॉन मंदिर और सेक्टर-19 सनातन मंदिर के आसपास खास सावधानी बरती गई। लेकिन त्योहार के बाद इन अस्थायी होर्डिंग्स को हटाने की कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अवैध होर्डिंग्स का मुद्दा नया नहीं है। जून 2026 में तेज आंधी-बारिश के दौरान कई बड़े विज्ञापन बोर्ड गिर गए थे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट टेकजोन में एक भारी-भरकम होर्डिंग गिरने से ट्रैफिक ठप हो गया। चिपियाना बुजुर्ग गांव में एबीईएस कॉलेज के पास एक होर्डिंग उड़कर मकान पर जा गिरा। स्थानीय संगठनों ने प्राधिकरण से शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई अधूरी रही। निवासी चेतावनी देते रहे कि ये बोर्ड सड़क पर चल रही गाड़ियों और पैदल यात्रियों पर गिर सकते हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (GNIDA) ने जुलाई 2026 में पोस्टर-बैनर अभियान चलाकर कुछ जगहों पर जुर्माना भी लगाया, लेकिन त्योहारों के बाद की सफाई अभी भी चुनौती बनी हुई है। मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी से पहले नगर निगम ने 229 अवैध होर्डिंग्स हटाए थे, लेकिन कई अन्य शहरों में स्थिति अलग है।

विशेषज्ञ और स्थानीय निवासी बताते हैं कि बिना अनुमति लगाए गए ये होर्डिंग न सिर्फ शहर की सुंदरता बिगाड़ते हैं, बल्कि सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी हैं। तेज हवा, बारिश या कमजोर पोल के कारण ये अचानक गिर सकते हैं। पिछले कुछ महीनों में नोएडा-ग्रेटर नोएडा में ऐसे कई मामले सामने आए जहां होर्डिंग गिरने से गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं। अगर ये किसी व्यस्त सड़क या भीड़भाड़ वाले इलाके में गिरें तो बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासनिक स्तर पर अवैध होर्डिंग हटाने के नियम और नीतियां मौजूद हैं। नोएडा प्राधिकरण और नगर निगम समय-समय पर अभियान चलाते हैं, लेकिन त्योहारों के बाद की नियमित सफाई और निगरानी कमजोर पड़ जाती है। कई बार आयोजक या एजेंसियां होर्डिंग लगाने के बाद हटाने की जिम्मेदारी नहीं निभाते।
स्थानीय नागरिक संगठनों का कहना है कि सिर्फ शिकायत करने से काम नहीं चलेगा। प्राधिकरण को त्योहार खत्म होते ही 48-72 घंटे के अंदर सभी अस्थायी होर्डिंग हटवाने का सख्त निर्देश जारी करना चाहिए। साथ ही, अनुमति के बिना लगाने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो। सड़क सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए, न कि हादसे के बाद कार्रवाई। अभी नोएडा की सड़कों पर जन्माष्टमी के कई होर्डिंग खड़े हैं। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जागेगा और इन्हें समय रहते हटाएगा। वरना सवाल वही रहेगा—क्या हादसा होने का इंतजार है?
यह भी पढ़ें: Noida News: एक गाने ने ले ली जान, जानिए कैसे बढा था विवाद

