Yamuna Expressway Accident: नशे में धुत ट्रक चालक ने 4 को रौंदा, नोएडा में अवैध पोल बढ़ा रहे खतरा

Yamuna Expressway Accident: नोएडा/जेवर। यमुना एक्सप्रेसवे पर रविवार रात एक भयानक सड़क हादसे में दिल्ली लौट रहे पिता-पुत्र समेत चार लोगों की मौत हो गई। जांच में सामने आया कि ट्रक चालक नशे में धुत था और रील देखते हुए तेज रफ्तार से गाड़ी दौड़ा रहा था। उसने दो बैरियर तोड़ दिए और दूसरी लेन में जा रहे तीन वाहनों को रौंद डाला। 240 करोड़ रुपये खर्च करके लगाए गए बैरियर बेलगाम रफ्तार के आगे बौने साबित हुए।

मृतकों में दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता रितेश, उनके बेटे अभिसार, पारिवारिक मित्र विकास और चालक विजय शामिल हैं। रितेश का परिवार मूल रूप से महाराजगंज का है। रक्षाबंधन मनाने के बाद सभी वापस दिल्ली लौट रहे थे। चालक विजय धौलपुर का रहने वाला था और अधिवक्ता का स्थायी ड्राइवर था। हादसे के बाद भागने की कोशिश के दौरान पीछा करने पर चालक ने तमंचा दिखाकर गोली मारने की धमकी भी दी। एसीपी जेवर राजीव सिसौदिया ने बताया कि सोमवार को मृतकों का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए गए। चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया गया है। उसका मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हादसों के बढ़ते आंकड़े चिंता का विषय
यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है:

– 2022: 303 हादसे, 106 मौतें, 668 घायल
– 2023: 411 हादसे, 95 मौतें, 729 घायल
– 2024: 528 हादसे, 112 मौतें, 955 घायल
– 2025: 653 हादसे, 128 मौतें, 1398 घायल

करोड़ों की टोल वसूली के बावजूद सुरक्षित सफर की गारंटी नहीं मिल पा रही है। 2012-13 में टोल कलेक्शन 58.80 करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर 569.53 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। जेपी इंफ्राटेक ने एक्सप्रेसवे के निर्माण पर करीब 12 हजार करोड़ रुपये खर्च किए थे। सरकार ने कंपनी को 36 साल तक टोल वसूली का अधिकार दिया था। एक्सप्रेसवे का उद्घाटन अगस्त 2012 में हुआ था। एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था के तहत छह क्रेन, 20 गश्ती वाहन, छह एंबुलेंस और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे।

नोएडा में अवैध विज्ञापन और कमजोर पोल भी खतरा
इधर नोएडा की सड़कों पर जगह-जगह लटके अवैध विज्ञापन और जंग लगे कमजोर पोल राहगीरों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं। आरोप है कि विज्ञापन माफिया आए दिन नई-नई अवैध साइटें खड़ी कर रहा है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। शहर की खूबसूरती के साथ-साथ लोगों की जान को भी खतरा पैदा हो रहा है।

सवाल उठ रहा है कि क्या नोएडा प्राधिकरण किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?

इसी बीच नोएडा सेक्टर-107 लालबत्ती के पास एक और हादसा हुआ। तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार अंकित शर्मा (27) को टक्कर मार दी। अंकित की मौत हो गई। शाहबेरी निवासी अजय किशोर शर्मा ने पुलिस को बताया कि उनका भाई बरौला टी-पॉइंट से हाजीपुर जा रहा था। पुलिस ने ट्रक नंबर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। विशेषज्ञों का कहना है कि नशे में गाड़ी चलाना, ओवरस्पीडिंग और सड़कों पर अवैध संरचनाएं मिलकर हादसों को आमंत्रण दे रही हैं। प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी होगी, वरना यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा की सड़कें और जानें लेंगी।

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