Noida Mehak murder case: नोएडा। असम निवासी युवती महक अहमद हत्याकांड के आरोपी इंजीनियर रमन राज को बिहार से नोएडा लाने की पुलिस की कोशिश फिलहाल अटक गई है। 26 अगस्त को कोर्ट में बी-वारंट को लेकर हुई सुनवाई में कोई निर्णय नहीं हो सका, जिसके बाद अब मामले में 10 सितंबर को अगली सुनवाई तय की गई है। पुलिस आरोपी को बिहार की जेल से नोएडा लाकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू करना चाहती है।
नौकरी की तलाश में सहेली के साथ आई थी नोएडा
महक अहमद असम के डिब्रूगढ़ की रहने वाली थीं। वह 20 जुलाई को बिना परिवार को बताए अपनी सहेली संजना के साथ नोएडा आ गई थीं। दोनों नौकरी की तलाश में यहां पहुंची थीं और बरौला गांव स्थित एक पीजी में रहने लगी थीं। इसी पीजी में पड़ोस के कमरे में रहने वाले इंजीनियर रमन राज से महक की पहचान हुई थी।
8 अगस्त की रात हुई थी वारदात
पुलिस के मुताबिक, 8 अगस्त की रात रमन और महक के बीच विवाद हो गया था। आरोप है कि इसी विवाद के दौरान रमन ने चाकू से कई वार कर महक की हत्या अपने कमरे में कर दी। वारदात के बाद उसने कमरे पर बाहर से ताला लगाया और फरार हो गया। 10 अगस्त को जब कमरे से बदबू आने लगी, तब जाकर पूरी घटना का खुलासा हुआ। पीजी संचालक सार्थक बंसल की शिकायत पर सेक्टर-49 थाने में मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस आरोपी इंजीनियर की तलाश में जुट गई थी।
बिहार पहुंचकर शराब तस्करी के मामले में किया सरेंडर
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद रमन सीधे अपने गृह जिले बिहार के कटिहार पहुंच गया था। वहां उसने शराब तस्करी के एक अलग मामले में सरेंडर कर दिया और जेल चला गया। पुलिस का कहना है कि रमन को आशंका थी कि नोएडा पुलिस उसका एनकाउंटर कर सकती है, इसी डर से उसने यह रास्ता चुना। रमन के जेल में होने की वजह से नोएडा पुलिस उसे सीधे गिरफ्तार कर नहीं ला सकती। इसके लिए बी-वारंट के जरिए कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी, जिसमें पुलिस अभी जुटी हुई है।
अगली सुनवाई 10 सितंबर को, आगे क्या होगा
26 अगस्त को बी-वारंट को लेकर कोर्ट में सुनवाई हुई, लेकिन इसमें कोई निर्णय नहीं हो सका। अब इस मामले में अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी। कोर्ट के आदेश के बाद ही रमन को न्यायिक अभिरक्षा में नोएडा लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ पाएगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी को नोएडा लाए जाने के बाद उससे महक हत्याकांड को लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू होगी। फिलहाल पूरे मामले की निगाहें 10 सितंबर की सुनवाई पर टिकी हैं।

