नोएडा में 40 गांव और सेक्टर ई-सिटी बस सेवा से वंचित, ग्रामीणों में आक्रोश; प्राधिकरण को सौंपा ज्ञापन

नोएडा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे बसे करीब 35 से 40 गांवों और कई सेक्टरों को अभी तक ई-सिटी बस सेवा से नहीं जोड़े जाने को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इस समस्या को लेकर ग्राम विकास संगठन नोएडा ने नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और सभी प्रभावित गांवों एवं सेक्टरों को ई-सिटी बस सेवा से जोड़ने की मांग की।

ग्राम विकास संगठन नोएडा के संयोजक डीपी चौहान के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-6 स्थित कार्यालय पहुंचकर ओएसडी अरविंद कुमार सिंह एवं क्रांति शेखर को संयुक्त रूप से ज्ञापन दिया। संगठन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने अधिकारियों के सामने ई-सिटी बस सेवा से जुड़ी समस्या को विस्तार से रखा।

एक्सप्रेसवे के किनारे बसे गांवों को नहीं मिली ई-सिटी बस सेवा

अशोक चौहान ने अधिकारियों को बताया कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के आसपास बसे रायपुर, बख्तावरपुर, असगरपुर, गढ़ी शाहपुर, शाहपुर गोवर्धनपुर, सुलतानपुर, नंगली शाखपुर, नंगली नंगला, नंगली वाजिदपुर, छपरौली बांगर, दोस्तपुर मंगरौली, याकूतपुर, दल्लूपुरा, मोहियापुर, गुलावली, झट्टा, बादोली, कामबख्शपुर, कोंडली और गढ़ी समस्तीपुर समेत कई गांवों को ई-सिटी बस सेवा से नहीं जोड़ा गया है।

इसके अलावा सेक्टर-126 से 135 और सेक्टर-151 से 168 के बीच के कई सेक्टर भी इस सुविधा से वंचित बताए गए हैं। संगठन का आरोप है कि ई-सिटी बस सेवा के लिए तैयार किए गए चार रूटों में इन गांवों और सेक्टरों को शामिल नहीं किया गया है।

अधिकारियों ने महाप्रबंधक सिविल को लिखा था पत्र

संगठन के मुताबिक प्रतिनिधिमंडल द्वारा समस्या बताए जाने के तत्काल बाद नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी अरविंद कुमार सिंह एवं क्रांति शेखर ने महाप्रबंधक सिविल एसपी सिंह को पत्र भेजकर संबंधित गांवों और सेक्टरों को ई-सिटी बस सेवा से जोड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा था।

उस समय अधिकारियों की ओर से जल्द ही सभी संबंधित गांवों और सेक्टरों को ई-सिटी बस सेवा से जोड़ने का आश्वासन भी दिया गया था। हालांकि, संगठन का कहना है कि काफी समय बीत जाने के बाद भी इन क्षेत्रों में ई-सिटी बस सेवा शुरू नहीं की गई है।

योजना का लाभ नहीं मिलने से लोगों में निराशा

ग्राम विकास संगठन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं और 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं के लिए बस सेवा में मुफ्त यात्रा जैसी सुविधाओं की घोषणा की गई है। इसके बावजूद ई-सिटी बस सेवा से जुड़े रूटों में शामिल नहीं किए गए गांवों और सेक्टरों के लोगों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।

उन्होंने कहा कि करीब 35 से 40 गांव और सेक्टर लंबे समय से ई-सिटी बस सेवा से जुड़ने का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों और सेक्टरवासियों की ओर से नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों से कई बार मुलाकात कर पत्र भी दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

प्राधिकरण से जल्द बस सेवा शुरू करने की मांग

ग्राम विकास संगठन ने नोएडा प्राधिकरण से मांग की है कि एक्सप्रेसवे के आसपास बसे सभी गांवों और संबंधित सेक्टरों को ई-सिटी बस सेवा के प्रस्तावित रूटों में शामिल किया जाए। संगठन का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों, महिलाओं, बुजुर्गों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो प्रभावित गांवों और सेक्टरों के निवासी अपनी मांग को लेकर आगे भी आवाज उठाएंगे।

 

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