Noida Ayush Shukla Murder Case: 14 साल के आयुष की दर्दनाक हत्या, जंगल में मिली सड़ी-गली लाश, इलाके में सनसनी

Noida Ayush Shukla Murder Case: नोएडा। सेक्टर-20 के 13-14 वर्षीय आयुष शुक्ला (उर्फ हैप्पी) की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। 16 अगस्त को जन्मदिन की पार्टी के बहाने दोस्तों के साथ घर से निकला बच्चा फिर कभी वापस नहीं लौटा। 21 अगस्त को सेक्टर-54 के जंगल में उसकी सड़ी-गली लाश मिली। मां योगमाया शुक्ला का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी दोनों बेटियां बार-बार भाई को पुकार रही हैं। मां बार-बार यही कह रही हैं— “पति को क्या जवाब दूंगी? मेरे बच्चे को चाकू से काट डाला… हत्यारे का एनकाउंटर करवा दो।”

आयुष केंद्रीय विद्यालय सेक्टर-24 में सातवीं-आठवीं कक्षा का छात्र था। परिवार मूल रूप से बहराइच का है और नोएडा सेक्टर-20 में किराए के मकान में रहता है। मां योगमाया भंगेल सीएचसी में संविदा पर आया के पद पर काम करती हैं। पिता पंकज गंभीर मानसिक बीमारी से पीड़ित हैं और लखनऊ में इलाज चल रहा है। इकलौते बेटे की मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। परिजन इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि पिता को बेटे की हत्या की खबर कैसे दी जाए, क्योंकि सदमा उनकी हालत और बिगाड़ सकता है।

घटना का सिलसिला

परिजनों के अनुसार, 16 अगस्त की शाम करीब 4 बजे आयुष छत पर पतंग उड़ा रहा था। तभी उसका दोस्त (जिसका नाम असद बताया जा रहा है) घर आया। उसने मां से कहा— “आंटी खाना बनाकर रखना, दो मिनट में आयुष के साथ वापस आता हूं।” आयुष को जन्मदिन की पार्टी का बहाना बताकर साथ ले गया। उसके साथ एक और लड़का भी था। इसके बाद आयुष रातभर घर नहीं लौटा। मां योगमाया ने बताया कि वे 17-18 अगस्त से थाने-चौकी के चक्कर काटती रहीं। सेक्टर-12/22 चौकी से सेक्टर-24 थाना और फिर सेक्टर-20 थाना भेजा गया, लेकिन गुमशुदगी की रिपोर्ट तुरंत दर्ज नहीं हुई। परिवार खुद तलाश करता रहा। 21 अगस्त की रात सेक्टर-54 के जंगल (नाले के पास) में पुलिस को एक अज्ञात नाबालिग का सड़ा-गला शव मिला। 22 अगस्त को पोस्टमॉर्टम कराया गया। सोमवार (24-25 अगस्त) को परिजनों को शव की तस्वीर दिखाई गई। कलावा, बेल्ट और कपड़ों के आधार पर मां ने आयुष की पहचान की।

मां का आरोप और पुलिस का बयान

मां योगमाया का आरोप है कि आरोपी दोस्तों ने आयुष के चेहरे पर पत्थर से हमला किया, पेट में नुकीली चीज मारी और एक हाथ काटकर शव को जंगल में फेंक दिया। उन्होंने कहा— “मेरे बच्चे को चाकू से काट डाला, उसके हाथ-पैर का भी पता नहीं। इंसाफ दिला दो। हत्यारे का एनकाउंटर करवा दो।” परिवार का कहना है कि शव मिलने के बाद भी उन्हें तुरंत सूचना नहीं दी गई। पुलिस का पक्ष अलग है। सेक्टर-24 थाना पुलिस और एडीसीपी मनीषा सिंह के अनुसार, 25 अगस्त को मां की लिखित शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया। एक बाल अपचारी (किशोर) को पुलिस संरक्षण/अभिरक्षा में लिया गया है, जबकि दूसरे की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का कहना है कि मुख्य बाल अपचारी और मृतक आयुष एक ही समुदाय के हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर कोई जाहिरा (बाहरी) चोट नहीं मिली है। विसरा फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। शुरुआती जांच में हत्या की वजह पैसों के लेनदेन/विवाद से जुड़ी होने की बात सामने आ रही है। आरोपी ने कथित तौर पर रुपये के झगड़े के बाद मारपीट की बात स्वीकार की है।

परिवार का दर्द

घर में मातम पसरा है। दोनों बहनें रो-रोकर बिलख रही हैं और बार-बार पूछ रही हैं— “आयुष कहां गया?” मां के पास उन्हें समझाने के लिए शब्द नहीं हैं। योगमाया कहती हैं— “जिस बेटे को दो मिनट में वापस आने की बात कहकर ले जाया गया था, उसे आखिर किसने और क्यों मार डाला? पिता को कैसे बताऊंगी?” पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। हत्या की असली वजह, घटनास्थल और शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करने के लिए पूछताछ जारी है। परिवार न्याय की मांग कर रहा है, जबकि इलाके में तनाव का माहौल भी है।
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