जन्मदिन की पार्टी के बहाने बुलाकर नाबालिग दोस्तों ने कर दी हत्या, सेक्टर-54 के जंगल से सड़ा-गला शव बरामद

 नोएडा : नोएडा में दोस्ती को तार-तार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ जन्मदिन की पार्टी के बहाने बुलाकर नाबालिग दोस्तों ने ही 13 वर्षीय आयुष (उर्फ हैप्पी) की निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को सेक्टर-54 के जंगल में नाले के पास फेंक दिया। पुलिस ने घटना के छह दिन बाद अज्ञात में मिले शव की पहचान के बाद मामले का खुलासा करते हुए दो नाबालिग आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में ले लिया है। क्या है पूरा मामला? मूल रूप से लखनऊ की रहने वाली योगमाया शुक्ला सेक्टर-20 में किराए के मकान में अपनी दो बेटियों और इकलौते 13 वर्षीय बेटे आयुष के साथ रहती हैं। आयुष सेक्टर-24 स्थित केन्द्रीय विद्यालय में सातवीं कक्षा का छात्र था। 16 अगस्त की शाम करीब 4 बजे आयुष अपनी माँ को दोस्तों की जन्मदिन पार्टी में जाने की बात कहकर घर से निकला था। जब वह रात भर घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने 17 अगस्त को सेक्टर-12/22 पुलिस चौकी में गुमशुदगी की शिकायत की। 21 अगस्त को सेक्टर-54 के जंगल से पुलिस को एक अज्ञात लड़के का सड़ा-गला शव मिला था।
आरोपियों ने कबूला अपना जुर्म
24 अगस्त की रात पुलिस ने परिजनों को शव की तस्वीरें दिखाईं। इसके बाद परिजनों ने कपड़ों, बेल्ट और हाथ में बंधे कलावा के आधार पर बेटे की पहचान की। पैसे के विवाद में हुई हत्या पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आयुष का परिवार पहले चौड़ा गांव में रहता था, जहाँ उसकी दोस्ती पड़ोस के नाबालिग लड़कों से हुई थी। 16 अगस्त को दोस्तों ने उसे पार्टी के बहाने सेक्टर-54 के खरगोश पार्क में बुलाया। पार्टी के दौरान आयुष की जेब में पैसे देखकर दोस्तों ने उससे पैसे मांगे। इसी बात को लेकर उनके बीच विवाद हो गया, जिसके बाद दोस्तों ने उसकी हत्या कर दी। आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर आरोप 
पुलिस की कार्यप्रणाली पर परिजनों के गंभीर आरोप पीड़ित माँ का आरोप है कि बेटे के लापता होने के अगले ही दिन उन्होंने दोस्तों पर शक जाहिर करते हुए पुलिस से शिकायत की थी। लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय उन्हें सेक्टर-12/22 चौकी, सेक्टर-24 थाना और सेक्टर-20 थाने के चक्कर कटवाए। परिजनों का दावा है कि यदि समय पर कार्रवाई की जाती तो बच्चे की जान बच सकती थी। माँ ने यह भी आरोप लगाया कि उसके बेटे को चाकू से गोदा गया और पैर भी काटे गए। पुलिस का पक्ष नोएडा जोन की एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि परिजनों की गुमशुदगी शिकायत दर्ज कर ली गई थी और उनके द्वारा लगाए गए लापरवाही के आरोपों की जाँच की जाएगी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। डॉक्टरों ने मौत का सही कारण जानने के लिए विसरा सुरक्षित रखा है, हालांकि प्राथमिक आशंका गला दबाकर हत्या किए जाने की जताई जा रही है।
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