Anti-Reservation Movement: जंतर-मंतर पर उमड़ी भीड़, आर्थिक आधार पर कोटा और SC/ST एक्ट खत्म करने की मांग

Anti-Reservation Movement: नई दिल्ली, राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर शुक्रवार को एक बार फिर बड़े प्रदर्शन का गवाह बना। इस बार सड़कों पर उतरे ज्यादातर युवा और सामान्य वर्ग से जुड़े लोग, जिन्होंने जातिगत आरक्षण व्यवस्था का पुरजोर विरोध किया और मांग की कि आरक्षण जाति के बजाय आर्थिक स्थिति के आधार पर दिया जाए। प्रदर्शनकारियों ने SC/ST एक्ट को वापस लेने की भी मांग उठाई।

किसने बुलाया प्रदर्शन

यह आंदोलन “रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन” नाम के एक इंस्टाग्राम पेज की अगुवाई में शुरू हुआ, जिसके लाखों फॉलोअर्स हैं। बताया जा रहा है कि इस पेज ने पहले ही 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर जुटने का आह्वान किया था, जिसके बाद यह ऑनलाइन मुहिम सड़क पर उतर आई। प्रदर्शन का नेतृत्व करने वालों में अभिषेक अग्निहोत्री और नीट परीक्षा के अभ्यर्थी हर्ष दुबे जैसे नाम शामिल बताए गए हैं। आयोजकों ने दावा किया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा और पुलिस बल से किसी तरह की टकराव की स्थिति नहीं बनाई जाएगी।

कौन-कौन हुआ शामिल

प्रदर्शन में बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और राजस्थान समेत कई राज्यों से लोग पहुंचे। राजस्थान की जनरल सेना, चाणक्य सेना और करणी सेना जैसे संगठनों ने भी इसमें हिस्सा लिया। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले इन्फ्लुएंसर अजीत भारती भी मौके पर मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान हाथों में भगवा झंडे लिए लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और नारेबाजी की।

क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांगें

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार रहीं:

– आरक्षण जाति नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति के आधार पर दिया जाए

– यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के हाल में लागू किए गए समानता से जुड़े नियमों का विरोध

– SC/ST एक्ट को रद्द किया जाए

– क्रीमी लेयर व्यवस्था में बदलाव किया जाए

प्रदर्शन में शामिल एक युवक ने कहा कि सामान्य वर्ग के ऐसे उम्मीदवार जिन्होंने बेहतर अंक हासिल किए, उन्हें मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के चलते सरकारी भर्तियों में नुकसान झेलना पड़ता है। कुछ प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ हमेशा जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचता और इसका दुरुपयोग होता है।

दिल्ली पुलिस का रुख

दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन को लेकर सफाई दी कि सोशल मीडिया पर प्रदर्शन को लेकर की गई कुछ बातें गुमराह करने वाली हैं और आरक्षण सुधार को लेकर किसी प्रदर्शन को औपचारिक अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बावजूद, इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और अतिरिक्त पुलिसबल तैनात किया गया था। प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी देखने को मिली, जब कुछ लोगों ने बैरिकेड लांघने की कोशिश की।

कॉकरोच जनता पार्टी आंदोलन से जुड़ाव

गौरतलब है कि जंतर-मंतर वही स्थान है जहां हाल ही में 45 दिनों तक चले “कॉकरोच जनता पार्टी” (CJP) के आंदोलन के बाद जुलाई में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। प्रदर्शन में शामिल कुछ युवाओं ने बताया कि वे उस आंदोलन का भी हिस्सा रह चुके हैं। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि यह नया आंदोलन कितने दिनों तक चलेगा, लेकिन आयोजकों ने संकेत दिया है कि वे अपनी मांगों पर अड़े रहेंगे।
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