यूपी में जापानी निवेश की बड़ी तैयारी, 500 एकड़ में बनेगी ‘जापानी सिटी’

UP-Japan Investment Summit 2026

यूपी-जापान निवेश सम्मेलन में 200 से अधिक जापानी उद्योग प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा, 3,195 करोड़ रुपये की दो परियोजनाओं का ग्राउंड ब्रेकिंग

नई दिल्ली, 19 अगस्त। उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को नई दिल्ली के ताज पैलेस में आयोजित यूपी-जापान निवेश सम्मेलन 2026 में जापानी निवेशकों के सामने प्रदेश की नई औद्योगिक तस्वीर और निवेश की संभावनाएं पेश कीं। सम्मेलन में जापान के 200 से अधिक सीईओ, प्रबंध निदेशक, कंट्री हेड और वरिष्ठ उद्योग प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर-5ए में करीब 500 एकड़ में ‘जापानी सिटी’ विकसित करने की घोषणा की गई। साथ ही यीडा क्षेत्र में 3,195 करोड़ रुपये के निवेश वाली दो बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं का वर्चुअल ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह हुआ।

जापानी उद्योगों के लिए बनेगा समर्पित इकोसिस्टम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, औद्योगिक पार्क और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी का मजबूत नेटवर्क तैयार किया गया है। उन्होंने जापानी कंपनियों से प्रदेश के औद्योगिक विकास में भागीदार बनने का आह्वान किया।

प्रस्तावित ‘जापानी सिटी’ को जापानी उद्योगों, कारोबार और नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय सुविधाओं वाले समर्पित इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार ने जापानी निवेशकों के लिए ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की बात कही।

एस्कॉर्ट्स कुबोटा लगाएगी ट्रैक्टर निर्माण इकाई

सम्मेलन में एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड की यीडा के सेक्टर-10 में प्रस्तावित विनिर्माण इकाई का ग्राउंड ब्रेकिंग किया गया। कंपनी को 154 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। करीब 2,029 करोड़ रुपये के निवेश वाली इस परियोजना से लगभग 4,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इकाई में सालाना करीब 60,000 ट्रैक्टरों के निर्माण के साथ कृषि मशीनरी और उनके कलपुर्जों का उत्पादन भी होगा।

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स्पार्क मिंडा की परियोजना से 6,440 रोजगार

स्पार्क मिंडा समूह की यीडा के सेक्टर-10 और सेक्टर-24 में प्रस्तावित परियोजना में करीब 1,166 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इससे लगभग 6,440 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। परियोजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक स्विच, सेंसर, यूएसबी चार्जर और अन्य ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की सालाना करीब 20 लाख इकाइयों का निर्माण किया जाएगा।

निवेश और रोजगार को मिलेगा नया आधार

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय रेल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स-आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना समेत कई वरिष्ठ अधिकारी सम्मेलन में मौजूद रहे। वक्ताओं ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और निवेश-अनुकूल नीतियों को रेखांकित किया।

सरकार का कहना है कि जापानी कंपनियों के निवेश से प्रदेश में आधुनिक तकनीक, विनिर्माण क्षमता और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सम्मेलन में हुई घोषणाओं और औद्योगिक परियोजनाओं के ग्राउंड ब्रेकिंग से उत्तर प्रदेश ने वैश्विक विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी दावेदारी को और मजबूत किया है।

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