दुजाना बनेगा जिले का मॉडल सोलर विलेज! हर घर की बिजली जरूरत सौर ऊर्जा से होगी पूरी, कृषि भी होगी सोलर से संचालित

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ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के दुजाना गांव को जिले के मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। गांव की बिजली जरूरतों को अधिक से अधिक सौर ऊर्जा के माध्यम से पूरा करने की योजना है। इसके लिए पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मंगलवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में गांव को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की कार्ययोजना और प्रस्तावित सोलर परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) का प्रस्तुतीकरण किया गया। अधिकारियों ने गांव में सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग, स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्र में ऊर्जा आत्मनिर्भरता विकसित करने के लिए प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी।

दुजाना में सौर ऊर्जा का होगा अधिकतम इस्तेमाल

मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित होने के बाद दुजाना में सौर ऊर्जा के उपयोग को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा। योजना का उद्देश्य गांव की ऊर्जा जरूरतों को पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करते हुए सौर ऊर्जा से पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ना है।

परियोजना के तहत गांव में अलग-अलग क्षेत्रों में सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्थाओं को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ-साथ बिजली की खपत और ऊर्जा लागत को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

कृषि गतिविधियों को भी सौर ऊर्जा से जोड़ने की तैयारी

दुजाना को मॉडल सोलर विलेज बनाने की योजना में कृषि गतिविधियों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का प्रस्ताव भी रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्र में खेती से जुड़ी ऊर्जा जरूरतों को सौर ऊर्जा के माध्यम से पूरा करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से किसानों को बिजली की उपलब्धता को लेकर राहत मिलने के साथ ही स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिल सकता है। परियोजना के तहत कृषि से जुड़ी आवश्यकताओं के लिए किस प्रकार की सौर ऊर्जा परियोजनाएं विकसित की जाएंगी, इसे कार्ययोजना के तहत अंतिम रूप दिया जाएगा।

स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मॉडल सोलर विलेज की अवधारणा का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना है। सौर ऊर्जा के अधिकतम इस्तेमाल से गांव को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

इस परियोजना को ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

जिलाधिकारी ने परियोजना के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजना से जुड़ी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने पर जोर दिया।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मॉडल सोलर विलेज परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक कार्रवाई में अनावश्यक देरी न हो। संबंधित विभाग अपने-अपने स्तर पर जरूरी तैयारियां पूरी करते हुए परियोजना को आगे बढ़ाएंगे।

DPR में प्रस्तावित सौर परियोजनाओं का किया गया प्रस्तुतीकरण

जिला स्तरीय समिति की बैठक में दुजाना के लिए तैयार की गई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट का प्रस्तुतीकरण किया गया। इसमें गांव में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए प्रस्तावित विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने परियोजना के संभावित लाभ, सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग और गांव की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की रणनीति समिति के सामने रखी। समिति ने कार्ययोजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और आगे की कार्रवाई को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मॉडल सोलर विलेज बनने से क्या बदलेगा?

दुजाना को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित करने की योजना सफल होने पर गांव में सौर ऊर्जा के उपयोग का दायरा व्यापक हो सकता है। घरेलू बिजली जरूरतों के साथ कृषि और अन्य ग्रामीण गतिविधियों को भी सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा।

इससे गांव में स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ेगा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्र में सौर ऊर्जा के उपयोग का मॉडल तैयार होगा। आने वाले समय में दुजाना जिले के अन्य गांवों के लिए भी नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल का उदाहरण बन सकता है।

 

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